टोंक जिले के मालपुरा जिला अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब एक चिकित्सक और मरीज के बीच इलाज को लेकर हुई अनबन के बाद चिकित्सक डॉ. पारितोष संचेती की हृदयाघात से दर्दनाक मौत हो गई। घटना के तुरंत बाद आक्रोशित जिला अस्पताल के सभी चिकित्सकों और नर्सिंग कर्मियों ने इमरजेंसी सेवा छोड़कर कार्य का बहिष्कार कर दिया और अस्पताल के बाहर धरना लगाकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत और तहसीलदार मालपुरा पवन मातवा अस्पताल पहुंचे।
घटना के अनुसार, शनिवार की सुबह एक मरीज अस्पताल में पट्टी करवाने आया था। मरीज को दिखाने पर डॉ. पारितोष संचेती ने मरीज को 9 बजे अस्पताल खुलने के समय पर्ची कटवाने और नर्सिंगकर्मियों के माध्यम से इलाज कराने की बात कही। इस पर मरीज और चिकित्सक के बीच अनबन हो गई। कुछ ही देर में चिकित्सक बेहोश हो गए। अस्पताल के अन्य चिकित्सक और कर्मचारी उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती करने में जुट गए, लेकिन अचानक हुए हृदयाघात के कारण ड्यूटी के दौरान ही उनका निधन हो गया।
चिकित्साकर्मियों और नर्सिंगकर्मियों ने घटना के विरोध में अस्पताल में इमरजेंसी सेवाएं बंद कर दीं और अस्पताल परिसर के बाहर धरना शुरू कर दिया। उन्होंने आरोपी मरीज के विरुद्ध कठोर कार्रवाई और अस्पताल में पुलिस चौकी लगाने की मांग की। धरने के कारण बाहर से आने वाले मरीजों को इलाज नहीं मिल पाने से गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ा। सूचना पर मालपुरा वृत्त अधिकारी आशीष प्रजापत और तहसीलदार पवन मातवा धरना स्थल पर पहुंचे और चिकित्सकों से बात की।
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लगभग तीन घंटे बाद सीएमएचओ टोंक डॉ. शैलेंद्र चौधरी मालपुरा पहुंचे और उन्होंने उपखंड अधिकारी कपिल शर्मा के साथ दूरभाष पर वार्ता की। इसके बाद उपखंड अधिकारी ने चिकित्सकों की समस्याओं का समाधान करने और पुलिस उपाधीक्षक द्वारा आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। इसके बाद चिकित्सक काम पर लौटे।
इधर, अस्पताल में मौजूद सभी चिकित्सकों और नर्सिंगकर्मियों ने डॉ. पारितोष संचेती के निधन पर अस्पताल में ही दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान बीसीएमएचओ डॉ. बीएल मीणा, जिला अस्पताल मालपुरा प्रभारी डॉ. कैलाश सामरिया, डॉ. अनिल मीणा, डॉ. जीतराम मीणा सहित अन्य चिकित्सक और नर्सिंगकर्मी मौजूद रहे।