राजस्थान के टोंक जिले में 13 नवंबर को देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा द्वारा समरावता गांव में एरिया मजिस्ट्रेट अमित चौधरी के थप्पड़ कांड के बाद हुए उपद्रव, आगजनी, पथराव और पुलिसकर्मियों से मारपीट के बाद सियासी पारा लगातार गरमाया है।बुधवार को मंत्री किरोड़ीलाल मीणा पहले टोंक जेल में बंद आरोपी नरेश मीणा और अन्य आरोपियों से मुलाकात किए। फिर इसके बाद गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढम के साथ समरावता गांव पहुंच ग्रामीणों से चौपाल लगाकर समस्याओं को सुना।
इस दौरान बीजेपी जिलाध्यक्ष अजित सिंह मेहता सहित कई भाजपाई नेता मौजूद रहे। गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि बीते दिनों ग्रामीणों ने जयपुर आकर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात की थी। इसके बाद मंत्री कन्हैयालाल चौधरी, किरोड़ीलाल मीणा के साथ हम तीनों नेताओं की कमेटी गठित की गई थी। ग्रामीणों की सभी मांगें मान ली गई हैं। समरावता सहित गांवों को उनियारा उपखंड में शामिल कर दिया जाएगा। आचार संहिता के हटते ही सरकार इसके आदेश जारी कर देगी। समरावता में हुए उपद्रव मामले में मंत्री बेढम ने कहा कि किसी भी दोषी व्यक्ति को छोड़ा नहीं जाएगा। जो भी लोग इस घटना में शामिल हैं, उनकी विस्तृत जांच की जाएगी। किसी भी निर्दोष व्यक्ति को नहीं फंसने दिया जाएगा। हमारा प्रदेश शांति प्रिय है, किसी भी हाल में अशांति पैदा नहीं होने दिया जाएगा।
कांग्रेस पर कसा तंज
कांग्रेस पर भी पलटवार करते हुए कहा कि यह पूरा मामला कांग्रेस का बोया बीज ही है। उन्हीं की वजह से यह हालात हुए हैं। न्यायिक जांच के सवाल पर मंत्री बेढम ने कहा कि जो ग्रामीणों ने कहा है, हम वहीं जांच करवाएंगे। राजनीति करने वाले लोग इस गांव को राजनीति का हथियार बनाकर इन गांव के लोगों का नुकसान करवाना चाहते हैं। उन लोगों को सोचना चाहिए, कांग्रेस के लोगों का मैं बयान पढ़ता हूं। यह कांग्रेस का बोया बीज ही तो है। यदि कांग्रेस के लोग उस समय जब उपखंड देवली बनाया था, उस समय देवली में नहीं जोड़ते तो यह लोग क्यों बहिष्कार करते। उस समय कांग्रेस के विधायक थे, इस समय वो सांसद हैं। उन्होंने इनके दुख दर्द को समझा नहीं, वो बेचारे बहिष्कार पर उतारू हुए।
आज हमारी संवेदनशील सरकार के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उनकी संवेदना को समझा और कहा है कि जो गांव जिस उपखंड में रहना चाहिए उसमें जोड़ दिया जाएगा। नरेश मीणा के बीजेपी का एजेंट के सवाल पर बेढम बोले, चुनाव हुआ है, चुनाव में कोई भी व्यक्ति स्वतंत्र है, जिसकी 25 साल की उम्र हो, पागल न हो, दिवालिया न हो, राजस्थान का निवासी हो, जो कोई भी चुनाव लड़े। अब चुनाव हो गया है, बीजेपी पार्टी को लोगोंं ने पसंद किया है। 30 हजार से ज्यादा वोटों से देवली-उनियारा में बीजेपी प्रत्याशी चुनाव जीत रहा है। हमें किसी से कोई द्वेष नहीं है। हमें द्वैष है तो सिर्फ अपराधियों से है और हम अपराधियों पर कार्रवाई करेंगे।
कांग्रेस प्रायश्चित करे
कांग्रेस के अन्याय की वजह से यह घटना घटी है। कांग्रेस को इसके लिए प्रायश्चित करना चाहिए। कांग्रेस थोथी राजनीति करती है। बेढम ने अपराधियों को लेकर दो टूक चेतावनी देते हुए कहा है कि अपराधी किस्म का कोई भी जाति, समाज का व्यक्ति हो अपराधी के खिलाफ मुख्यमंत्री ने पहले ही दिन कहा था कि हम कठोर कार्रवाई करेंगे। संगठित अपराध करने वाले लोग या रोजाना के अपराध करने वाले लोग हो या तस्करी करने वाले लोग हो या फिर गुंडागर्दी करने वाले लोग हो, उन पर कार्रवाई करने के लिए हम संकल्पित हैं।
मंत्री किरोड़ीलाल जेल में नरेश से मिले
इससे पहले डॉ. किरोड़ीलाल मीणा ने जेल में नरेश मीणा से मुलाकात के बाद मीडिया से कहा कि 28 गांव हैं। यह पिछली सरकार की बीमारी है। यह पुरानी बीमारी है, जिसे हम मिटा रहे हैं। इनको उनियारा में भेज रहे हैं। डूंगरपुर मामले का जिक्र करते हुए कहा कि गहलोत सरकार ने तब कोई मुआवजा नहीं दिया। लेकिन हमारी सरकार संवेदनशील सरकार है। हम पाई-पाई का मुआवजा देंगे। नरेश मीणा से मैंने ज्यादा बात करना उचित नहीं समझा। मैं घटना स्थल पर पहले ही जा चुका हूं, आज फिर जा रहा हूं। मुझे घटनाक्रम की पूरी जानकारी है। जेल के अधिकारी भी मौजूद रहे, इसलिए कोई गोपनीय बात भी नहीं कर सकते थे। देश में कानून का राज है, मेरा तो सुझाव है कि मैंने प्रयास किया है कि जितनी भी भीड़ हो वह नियंत्रण में रहे। भीड़ जब नियंत्रण हीन हो जाए तो फिर हमें नेतागिरी नहीं करने देगी। देश में कानून का राज है, कानून की पालना होनी चाहिए।
अधिकारियों पर हमले को लेकर बोले किरोड़ीलाल
प्रशासन भी लोकतंत्र का हिस्सा है, उसके साथ हाथापाई नहीं होना चाहिए। सचिन पायलट और कांग्रेसियों की बयानबाजी पर किरोड़ी ने पलटवार करते हुए कहा, उन्हें सड़क पर उतरना चाहिए था, वो बैठे-बैठे ही बयान देते हैं। मैं भी तो तिल तो ताड बना देता था, वो तो ताड को तिल बनाने में लगे हुए हैं। उनके राज में बहुत घटनाए हुई, बहुत न्यायिक जांच गहलोत के राज में हुई। उनका मुझे पता है क्या नतीजे आए हैं, सारी लिस्ट मेरे पास है। गहलोत सरकार ने सारी की सारी ज्यूडिसियल इन्क्वॉयरी दफन कर की दी, फिर भी मैं गांव जा रहा हूं। हमारी सरकार संवेदनशील सरकार है, गांव वालों को एक सूई तक की भरपाई हमारी सरकार कर रही है। ज्यूडिसियल इन्क्वॉयरी भी करवा लेंगे, अगर गांव वाले चाहेंगे तो।