सांसद हरीशचंद्र मीना ने भाजपा सरकार पर कसा तंज
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टोंक में आंबेडकर जंयती पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद हरीशचंद्र मीना ने शिरकत की। उन्होंने केन्द्र और राज्य की सरकार पर तीखा हमाल बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री का जिक्र करते हुए कहा कि पहले तो बहुत से लोगों ने बाबा साहब का विरोध किया था, लेकिन आज तो मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी आयोजन कर रहे हैं। सीएम कह रहे हैं कि वे जन्म से ही बाबा साहेब का अनुयायी हैं, लेकिन बाबा साहेब तो उनके जन्म से पहले ही चले गए थे।
उपचुनाव की हार का जिक्र और राजनीतिक टिप्पणी
अपने संबोधन के दौरान हरीशचंद्र मीना ने देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव में हार का जिक्र भी किया और मंच से अपनी पीड़ा व्यक्त की। उन्होंने बिना नाम लिए राजनीतिक विरोधियों पर हमला बोलते हुए कहा कि कुछ लोग समाज को बांटने और गुमराह करने का काम करते हैं, जिससे चुनावी परिणाम प्रभावित होते हैं।
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महिला आरक्षण बिल और विशेष सत्र पर सवाल
महिला आरक्षण बिल को लेकर संसद में बुलाए गए विशेष सत्र पर भी उन्होंने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 16 अप्रैल , 17 अप्रैल और 18 अप्रैल तारीख को बुलाए गए इस सत्र को लेकर स्पष्टता की जरूरत है। उनके अनुसार, यह मुद्दा जितना सरल दिखता है, उतना है नहीं, और इस पर आपसी चर्चा के साथ-साथ सदन में भी विस्तृत विचार-विमर्श होना चाहिए।
जनता के मुद्दों और सरकार पर आरोप
हरीशचंद्र मीना ने कहा कि जनता के बीच विश्वास में कमी आई है और महंगाई, बेरोजगारी तथा भ्रष्टाचार जैसे मुद्दों पर आम नागरिक परेशान है। उन्होंने कहा कि हर वर्ग रोजगार और राहत चाहता है, लेकिन कुछ लोग समाज को जाति और धर्म के नाम पर गुमराह करते हैं, जिससे वास्तविक मुद्दे पीछे छूट जाते हैं।
समाज में विभाजन की राजनीति पर टिप्पणी
अपने भाषण में उन्होंने कहा कि कुछ लोग समाज को बांटने और खरीदने की कोशिश करते हैं, जिससे पूरी कौम की छवि प्रभावित होती है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे एक गंदी मछली पूरे तालाब को गंदा कर देती है, उसी तरह एक व्यक्ति पूरे समाज को बदनाम कर सकता है।