टोंक जिले के विश्व प्रसिद्ध डिग्गी कल्याणधणी के 61वें लक्खी मेले को इस बार पहले से अधिक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और श्रद्धालु हितैषी बनाने के लिए जिला प्रशासन ने व्यापक तैयारी शुरू कर दी है। मालपुरा पंचायत समिति परिसर में जिला कलेक्टर टीना डाबी और पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने संयुक्त रूप से उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक लेकर 18 से 22 अगस्त तक आयोजित होने वाले मेले की व्यवस्थाओं का विस्तृत खाका तैयार किया। बैठक में प्रशासन का फोकस इस बात पर रहा कि लाखों श्रद्धालुओं को दर्शन, आवागमन और मूलभूत सुविधाओं के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सभी विभागों को समयबद्ध जिम्मेदारियां सौंपते हुए तैयारियों को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए गए।
मेले की हर व्यवस्था पर रहेगा प्रशासन का विशेष फोकस
कलेक्टर टीना डाबी ने अपने मास्टर प्लान में सभी विभागों की विभागवार समीक्षा करते हुए पेयजल, बिजली, चिकित्सा सेवाएं, परिवहन, सड़क मरम्मत, पार्किंग, साफ-सफाई और यातायात प्रबंधन से जुड़ी तैयारियों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। प्रशासन का लक्ष्य इस बार मेले को पहले से अधिक व्यवस्थित और सुविधाजनक बनाना है।
200 CCTV और 900 पुलिसकर्मी संभालेंगे सुरक्षा की कमान
श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए पूरे मेला क्षेत्र में करीब 200 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। वहीं लगभग 900 पुलिसकर्मियों की तैनाती कर सुरक्षा का मजबूत घेरा तैयार किया जाएगा। भीड़ नियंत्रण, संवेदनशील स्थानों की निगरानी, आपातकालीन चिकित्सा सहायता और त्वरित राहत व्यवस्था को भी विशेष रूप से शामिल किया गया है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं पहले से तैयार रखें।
अधिकारियों और मंदिर ट्रस्ट के साथ हुई विस्तृत समीक्षा
बैठक में एसडीएम कपिल शर्मा, तहसीलदार राहुल पारीक, नायब तहसीलदार हंसराज चौधरी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह, पुलिस उपाधीक्षक आशीष प्रजापत, सीआई चैनाराम बेड़ा, डिग्गी थाना प्रभारी गोपाल चौधरी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी एवं मंदिर ट्रस्ट के पदाधिकारी मौजूद रहे। सभी अधिकारियों ने विभागवार तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक सुझाव दिए और व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने पर विस्तार से चर्चा की।
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अधिकारियों का कहना है कि जिला प्रशासन का उद्देश्य स्पष्ट है कि इस वर्ष डिग्गी कल्याणधणी का लक्खी मेला श्रद्धालुओं के लिए सुरक्षित, सुव्यवस्थित और सुविधाजनक बने तथा राजस्थान की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान के अनुरूप सफल आयोजन का नया उदाहरण प्रस्तुत करे।