रणथम्भौर की फेमस बाघिन मछली की बेटी कृष्णा यानी T-19 की मौत हो गई है। कृष्णा उम्र के आखिरी पड़ाव पर शारीरिक तौर पर बहुत कमजोर हो चुकी थी। टाइग्रेस कृष्णा की मौत की सूचना पर मौके पर पहुंचे कार्यवाहक उप वन संरक्षक मानस सिंह ने लकड़दा फारेस्ट एरिया में बाबा की गुफा के पास कृष्णा का शव उठवाया।
12 शावकों को कृष्णा ने दिया था जन्म
पशु चिकित्सक डॉ. सीपी मीणा, डॉ. सुनील मीणा और डॉ. राजीव गर्ग ने राजबाग नाके पर शव का पोस्टमार्टम किया। इसके बाद बाघिन कृष्णा का अंतिम संस्कार किया गया। टाइगर और टाइग्रेस की उम्र करीब 15 साल के आसपास मानी जाती है। टाइग्रेस कृष्णा 16 साल से ऊपर की हो चुकी थी और कमज़ोर होने के कारण पिछले कुछ दिनों से शिकार नहीं कर पा रही थी। कई बार उसे भूखे भी रहना पड़ता था। कृष्णा की मां मछली ने रणथम्भौर में सबसे ज्यादा 16 शावकों (बच्चों) और खुद कृष्णा ने 12 शावकों को जन्म दिया था। कृष्णा की तीन बार प्रेग्नेंसी हो चुकी थी।
पिछले 28 दिन में टाइगर फैमिली के चार सदस्यों की हुई मौत
वन विभाग के अधिकारी बाघिन कृष्णा की नेचुरल डेथ बता रहे हैं। बीते 28 दिन में रणथंभौर में यह बाघ परिवार के चौथे सदस्य की मौत हुई है। इससे पहले बाघ टी-57, टी-114, एक शावक और अब बाघिन टी-19 कृष्णा की मौत से वन्यजीव प्रेमियों को झटका लगा है। रणथम्भौर के उपवन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि उम्रदराज बाघिन टी-19 कृष्णा की मौत नेचुरल तरीके से हुई है। राजबाग नाका पर एनटीसीए की एसओपी के अनुसार बाघिन का पोस्टमार्टम कराकर अंतिम संस्कार कर दिया गया है। यह बाघिन करीब 16 साल से ऊपर की थी। रणथम्भौर में तीन बार में हुए उसके 12 शावकों में से नौ शावकों ने सर्वाइव किया है।
मुकुंदरा हिल्स और रणथम्भौर दोनों जगह कृष्णा की संतान टाइगर-टाइग्रेस का कुनबा
बाघिन कृष्णा की बेटी टी-83 लाईटनिंग और टी-113 को मुकुंदरा टाइगर हिल्स भेजा जा चुका है। जहां वह बाघों का कुनबा बढ़ा रहे हैं। बाघिन कृष्णा की संतान टाइगर टी-111, टी-112 और बाघिन टी-84 ऐरोहेड रणथंभौर में ही हैं।