राजस्थान में जल संसाधन विभाग की महत्वपूर्ण परियोजनाओं में गुणवत्ता को लेकर बड़ी कार्रवाई की गई है। चंबल कमांड एरिया डेवलपमेंट (सीएडी) परियोजना के निर्माण कार्यों में मानक सामग्री का उपयोग नहीं मिलने पर विभाग ने तीन कनिष्ठ अभियंताओं को निलंबित कर दिया है, जबकि तीन अन्य अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की गई है।
जल संसाधन विभाग के अधीक्षण अभियंता (प्रशासन) की ओर से 5 मई को जारी आदेश के अनुसार, दायीं मुख्य नहर सीएडी चंबल कोटा में निर्माण कार्यों के दौरान अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद दायीं नहर उपखंड सीएडी अंता में कार्यरत कनिष्ठ अभियंता नेमीचंद बैरवा, सोनू कुमार गोचर और दीपक चौधरी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
इसके अलावा दायीं मुख्य नहर खंड-द्वितीय सीएडी चंबल कोटा के अधिशाषी अभियंता हेमराज मीणा, सहायक अभियंता एवं तकनीकी सहायक नरेश मालव और दायीं नहर खंड सीएडी चंबल अंता के सहायक अभियंता अमित कुमार बोहरा के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई शुरू की गई है।
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जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने कहा कि विभागीय परियोजनाओं में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में किसी भी स्तर पर घटिया सामग्री या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मंत्री ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता सिंचाई वृत सीएडी कोटा और अधीक्षण अभियंता गुणवत्ता नियंत्रण इकाई कोटा की संयुक्त टीम ने निरीक्षण किया था। जांच में निर्माण कार्यों में खामियां मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, जहां-जहां दोषपूर्ण निर्माण कार्य पाए गए हैं, उन्हें चिन्हित कर हटाने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।