आरएसएस की ओर से जयपुर में बृहस्पतिवार से शुरू हुआ तीन दिवसीय चैतन्य शिविर प्रदेश भाजपा के संघ निष्ठ धड़े के लिए संजीवनी ले कर आया है। संघ प्रमुख मोहन भागवत की उपस्थिति के मौके का भाजपा के संघ निष्ठ धड़े ने पूरा फायदा उठाया है। इससे पूर्व करीब एक साल पहले जब भागवत राजस्थान आए थे, तो संघ से जुड़े इन भाजपा नेताओं को कई बार मांगने के बावजूद मिलने का समय तक नहीं दिया गया था। ऐसे में यह चिंतन शिविर इनके लिए खासा महत्वपूर्ण है।
वंसुधरा राजे खेमे के विरोध के चलते भाजपा के वरिष्ठ नेता व संघ के करीबी गुलाब चंद कटारिया को यात्रा नहीं निकालने दी गई थी, जिससे भाजपा को आगामी विधानसभा चुनाव में संघ की नाराजगी की आशंका है। मौजूदा गहलोत सरकार के खिलाफ भाजपा का कोई प्रभावी प्रदर्शन न कर पाना शिविर में चर्चा का विषय रहा, हालांकि राजे का नाम खुलकर नहीं लिया गया। अगले विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजे धड़ा व संघ निष्ठ धड़ा दोनों अपने पक्ष के नेता को अध्यक्ष पद दिलाने की मंशा रखते हैं।
संघ की ओर से कटारिया को आगे किया जा रहा है। जबकि राजे दिल्ली में आला नेताओं को साधने की कोशिश कर रही हैं। शिविर के दौरान समन्वय बैठक की गंभीरता इसी से आंकी जा सकती है कि सूरजकुंड में राष्ट्रीय कार्यसमिति की बैठक बीच में छोड़ कर भाजपा नेता जयपुर सिर्फ संघ की बैठक में शामिल होने आए हैं। शिविर में कटारिया, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी, उपनेता प्रतिपक्ष घनश्याम तिवाड़ी मुख्य रूप से उपस्थित हुए।