केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि पाकिस्तान प्रयोजित आतंकवाद दक्षिण एशियाई देशों की शांति के लिए खतरा है। गम्भीर यह है कि पाकिस्तान की सेना भी अतंकियों का साथ दे रही है।
उन्होंने सलाह दी कि पाकिस्तान को छद्म युद्द के तौर पर आतंकवाद का इस्तेमाल करने की रणनीति पर पुनर्विचार करना चाहिए। दुर्भाग्य से उसे (पाकिस्तान) खुद भी इससे भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। पाकिस्तान और आतंकवाद को सहयोग करनेवाले यह नहीं समझ पा रहे हैं कि अच्छा आतंकी और बुरा आतंकी जैसा कुछ नहीं होता।
गृहमंत्री बृहस्पतिवार को सरदार पटेल पुलिस विवि जोधपुर और दिल्ली के इंडिया फाउंडेशन की ओर से आतंकवाद के मुद्दे को लेकर काउंटर टेरेरिज्म विषय पर जयपुर में आयोजित सेमिनार में बतौर मुख्य वक्ता आए थे।
सिंह ने कहा कि एशिया में आतंकवाद गम्भीर मुद्दा है। यहां आतंकवादी संगठन शिक्षित युवाओं का ब्रेनवाश कर आतंकवाद की ओर धकेल रहे हैं। यदि आईएसआई व पाकिस्तान सेना आतंकियों को सहयोग देना बंद कर दें, तो दक्षिण एशिया के लिए सुरक्षा स्थितियां सुधर जाएंगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रही राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि 13 मई 2008 में जयपुर में हुए सिलसिलेवार बम धमाकों की चर्चा की और रहा कि हमने आतंकवाद को झेला है। सीमा और सीमा के बाहर आतंकवाद एक चुनौती है।