करौली जिले में विभिन्न मांगों को लेकर (राजस्व सेवा परिषद) राजस्थान पटवार संघ, राजस्थान कानूनगो संघ एवं राजस्थान तहसीलदार सेवा परिषद करौली की ओर से संपूर्ण उपखंड एवं तहसील मुख्यालय पर कर्मचारी और अधिकारी जिले में दो दिन के सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। बता दें कि राजस्थान सरकार से राजस्व विभाग के कर्मचारी और अधिकारियों का विभिन्न मांगों को लेकर पहले लिखित में समझौता हुआ था, लेकिन उसके बाद अभी तक कोई भी मांग पूरी नहीं की गई है।
ये हैं सात मांगें
राजस्व सेवा परिषद की मांगों में नायब तहसीलदार का पद शत प्रतिशत पदोन्नति पर घोषित करना। सीधी भर्ती के आर.टी.एस. को सीधे तहसीलदार पद पर संस्थित करना। तहसीलदार सेवा के पद 50 प्रतिशत पदोन्नति से एवं 50 प्रतिशत सीधी भर्ती से भरना। पटवारी, भू अभिलेख निरीक्षक, नायब तहसीलदार व तहसीलदार का कैडर पुनर्गठन कर आवश्यकतानुसार नवीन पद सृजित किया जाना। भू अभिलेख निरीक्षक व पटवारी के पदों का फील्ड में 1:3 अनुसार गठन करना। RAS कैडर का रिव्यू करवाये जाने तथा तहसीलदार से RAS के जूनियर स्केल में रिक्त पदों को डी०पी०सी०/ तदर्थ पदोन्नति से भरे जाना। पटवारी व भू अभिलेख निरीक्षक के लिये स्थाई स्पष्ट स्थानान्तरण नीति बनाये जाने का निर्णय सहित सातवीं मांग पटवारी, भू-अभिलेख निरीक्षक, नायब तहसीलदार व तहसीलदार के वेतनमान का पुनर्निर्धारण, की रखी गई हैं।
चार अक्टूबर 2021 को हुआ समझौता, आज तक लागू नहीं
पटवार संघ के महामंत्री रामराज मीणा ने बताया कि राजस्थान सेवा परिषद व राज्य सरकार के मध्य तारीख 4 अक्टूबर 2021 को हुए समझौता हुआ था, जिसे आज तक लागू नहीं किए जाने के विरोध में राजस्व सेवा परिषद के बैनर तले जिले की तहसील/ उपखंड मुख्यालयों पर गुरुवार से शुक्रवार तक दो दिन का धरना प्रदर्शन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर दो दिन में राजस्थान सरकार पूर्व में हुए समझौते को लागू नहीं करती है तो 24 अप्रैल से प्रशासन शहरों एवं गांवों के संग अभियान का बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी। धरना प्रदर्शन के दौरान तहसीलदार महेंद्र जैन सहित राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।