श्रीगंगानगर में ड्रोन ड्रॉप का भंडाफोड़
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राजस्थान के श्रीगंगानगर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पर सुरक्षा एजेंसियों ने एक बार फिर बड़ी तस्करी की कोशिश को नाकाम कर दिया। सीआईडी, पुलिस और बीएसएफ की संयुक्त कार्रवाई में ड्रोन के जरिए भेजी गई करीब 12 किलो हेरोइन बरामद की गई है। इस मामले में पंजाब के दो युवकों को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस खेप को उठाने पहुंचे थे।
ड्रोन से गिराई गई थी हेरोइन
जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी तस्करों ने ड्रोन के जरिए बॉर्डर पार कर यह खेप भारतीय इलाके में गिराई थी। सुरक्षा एजेंसियों को पहले ही गुप्त सूचना मिल गई थी, जिसके आधार पर इलाके में तुरंत ब्लॉकेड लगाकर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। रात के अंधेरे में सुरक्षा बलों को ड्रोन की आवाज सुनाई दी। इसके बाद उन्होंने पैकेट्स गिरते हुए देखे। तलाशी लेने पर करीब 12 किलो हेरोइन बरामद हुई, जिसे छोटे-छोटे पैकेट्स में पैक किया गया था।
पंजाब के दो युवक गिरफ्तार
मौके से पकड़े गए दोनों युवक पंजाब के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पूछताछ में सामने आया है कि यह हेरोइन पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी गई थी और इसे पंजाब में सप्लाई करने की योजना थी। पुलिस का मानना है कि यह मामला एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है, जो लगातार ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की तस्करी कर रहा है। बरामद हेरोइन की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 60 करोड़ रुपये आंकी गई है। अगर यह खेप बाजार तक पहुंच जाती, तो युवाओं में नशे की लत फैलने का बड़ा खतरा था।
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ड्रोन गतिविधियां बढ़ीं, सुरक्षा सख्त
पुलिस और बीएसएफ अधिकारियों के अनुसार बॉर्डर पर ड्रोन गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं। इसे देखते हुए एंटी-ड्रोन सिस्टम को और मजबूत किया जा रहा है। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद जताई जा रही है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है, जब श्रीगंगानगर बॉर्डर पर ड्रोन के जरिए हेरोइन गिराने की कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं।
सुरक्षा बलों का कहना है कि पाकिस्तान की ओर से ऐसी कोशिशें लगातार हो रही हैं, लेकिन हर बार उन्हें नाकाम कर दिया जाता है।