सीएम उमर अब्दुल्ला और सांसद आगा रुहुल्ला
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सांसद आगा रुहुल्ला मेहदी के आरक्षण के मुद्दे पर अपनी ही सरकार को घेरने पर मचा घमासान थमने के बजाय बढ़ता ही जा रहा है। अभी तक पार्टी के सांसद और विधायकों में ही ये दूरी दिख रही थी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला बिल्कुल खामोश थे। वीरवार को श्रीनगर में सांसद को लेकर पूछे गए सवाल में उन्होंने जो कुछ कहा, उसे लेकर रुहुल्ला का पलटवार एक्स पर उनकी पोस्ट पर दिखा।
जम्मू-कश्मीर में नेशनल काॅन्फ्रेंस (नेकां) की सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पार्टी के ही सांसद आगा सैयद रूहुल्ला मेहदी के बीच दूरियां घटने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। केंद्र सरकार से सीधे टकराव से बचने के लिए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला राज्य के दर्जे और अन्य मुद्दों का हल समय लेकर करने की रणनीति पर चल रहे हैं।
इसके विपरीत सांसद रुहुल्ला राजकीय मुद्दों व नाैकरियों में आरक्षण के साथ अन्य मुद्दों पर हमलावर हो रहे हैं। उन्होंने पहले जम्मू-कश्मीर के विशेष दर्जे के लिए आवाज बुलंद की। इसके बाद नाैकरियों में आरक्षण को लेकर सीएम आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। इससे सीएम बनाम सांसद परिदृश्य बन गया है। सीएम की प्रेसवार्ता में उनके बयान पर सांसद ने तल्ख प्रतिक्रिया दी। इससे यह जाहिर होता है कि मुख्यमंत्री और सांसद के बीच समन्वय नहीं बन पा रहा है।