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श्री गंगानगर: डॉक्टर बनकर आईफोन बेचने के नाम पर ठगे 1.28 लाख, ओएलएक्स पर एड देखकर बनाया प्लान, जानें मामला

Sat, 17 Oct 2026 03:33 PM IST
प्रिया वर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, श्री गंगानगर

सार

श्रीगंगानगर में खुद को अस्पताल का डॉक्टर बताकर आईफोन बेचने के नाम पर 1.28 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने खरीदार को कैफे में बुलवाकर क्यूआर कोड के जरिए बैंक खाते में भुगतान करा लिया।
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आई फोन बेचने के नाम पर ठगे लाखों - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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शहर में एक शातिर ठग ने खुद को अस्पताल का डॉक्टर बताकर आईफोन बेचने के नाम पर एक लाख 28 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पीड़िता आस्था आहुजा ने कोतवाली थाना पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई है। पीड़ित पक्ष खालसा नगर में आईफोन स्टूडियो नाम से मोबाइल शॉप संचालित करता है। पुलिस ने मामले में अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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अस्पताल का डॉक्टर बनकर किया संपर्क
प्रेम नगर निवासी 34 वर्षीय आस्था आहुजा की खालसा नगर क्षेत्र में आईफोन स्टूडियो नाम से मोबाइल की दुकान स्थित है। उनके देवर राहुल नरूला के मोबाइल फोन पर अनजान नंबर से कॉल आया था। फोन करने वाले व्यक्ति ने अपना नाम अमित शर्मा बताया और खुद को टांटिया हॉस्पिटल का डॉक्टर होने का दावा किया। उसने राहुल से कहा कि वह अपना आईफोन 18 प्रो मैक्स बेचना चाहता है। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत हुई और आईफोन का सौदा एक लाख 28 हजार रुपये में तय हो गया।

कैफे में मोबाइल डिलीवरी
सौदा तय होने के बाद कथित डॉक्टर ने राहुल को मोबाइल फोन हैंडओवर करने के लिए शाइना कैफे में बुलाया। राहुल ने खुद जाने के बजाय अपनी दुकान के कर्मचारी कृष्ण कुमार को आईफोन लेने के लिए कैफे में भेज दिया। जब कर्मचारी मौके पर पहुंचा तो वहां एक व्यक्ति आईफोन लेकर खड़ा था। कर्मचारी ने इस बात की सूचना तुरंत फोन करके राहुल को दी। इसके बाद राहुल ने उस अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए क्यूआर कोड पर एक लाख 28 हजार रुपये की राशि ऑनलाइन ट्रांसफर कर दी।
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दो बैंक खातों से किया भुगतान
भुगतान के समय राहुल के अपने बैंक खाते में पर्याप्त राशि उपलब्ध नहीं थी। इस वजह से उसने दो अलग-अलग बैंक खातों के जरिये पूरी राशि का भुगतान किया। इसमें से 60 हजार रुपये आस्था आहुजा के बैंक खाते से भेजे गए, जबकि शेष 68 हजार रुपये राहुल के दोस्त सौरभ वर्मा के बैंक खाते से ऑनलाइन ट्रांसफर किए गए। पूरी राशि का ऑनलाइन भुगतान सफल होने के बाद कर्मचारी ने मौके पर खड़े व्यक्ति से आईफोन देने को कहा।

मौके पर खुला ठगी का राज
पैसे ट्रांसफर होने के बाद जब कर्मचारी ने मोबाइल मांगा तो मौके पर मौजूद व्यक्ति ने आईफोन देने से साफ मना कर दिया और कहा कि उसके बैंक खाते में कोई भी पेमेंट प्राप्त नहीं हुई है। उस व्यक्ति ने अपना नाम नंदकिशोर बताया और खुलासा किया कि वह किसी अन्य व्यक्ति के कहने पर वहां मोबाइल बेचने आया था। नंदकिशोर के अनुसार उसने ओएलएक्स पर अपना मोबाइल बेचने का विज्ञापन दिया था। इसके बाद अमित शर्मा नाम के व्यक्ति ने उसे फोन खरीददार से मिलने के लिए शाइना कैफे बुलाया था।
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पुलिस ने शुरू की जांच
घटना के बाद पीड़ित पक्ष को समझ में आया कि उनके साथ ऑनलाइन जालसाजी हुई है। आरोपी ने टांटिया हॉस्पिटल का डॉक्टर बनकर अपनी पहचान छिपाई और फर्जी तरीके से झांसा देकर दो बैंक खातों से कुल एक लाख 28 हजार रुपये हड़प लिए। आस्था आहुजा की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। इस पूरे फर्जीवाड़े के मामले की जांच सहायक पुलिस उपनिरीक्षक (एएसआई) जगराम कर रहे हैं।
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