स्वास्थ्य विभाग की खाद्य सुरक्षा टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पल्लू में बस से 600 किलोग्राम दुर्गंधयुक्त मावा और नमकीन बरामद की। खाद्य सामग्री का कोई मालिक सामने नहीं आने और उसकी गुणवत्ता अत्यंत खराब पाए जाने पर नमूने लेने के बाद पूरी सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवा दिया गया।
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पल्लू में बस से लावारिस मावा और नमकीन जब्त
जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा दल लगातार विभिन्न इलाकों में जांच अभियान चला रहा है। दल ने पल्लू क्षेत्र में बीकानेर की तरफ से आ रही ममता ट्रैवल्स की बस को रोककर सघन जांच की। जांच के दौरान बस में रखी बोरियों और डिब्बों से तेज दुर्गंध आ रही थी। खाद्य सुरक्षा दल ने जब सामग्री की जांच की तो उसमें 220 किलोग्राम मावा और 360 किलोग्राम से अधिक नमकीन पाई गई। मावे से तीखी बदबू आ रही थी, जबकि नमकीन में घटिया और बार-बार इस्तेमाल किए गए तेल की गंध आ रही थी। अधिकारियों ने जब बस के चालक और परिचालक से पूछताछ की, तो उन्होंने बताया कि यह सामग्री बीकानेर से लोड की गई थी। हालांकि, दोनों में से किसी को भी इस बात की जानकारी नहीं थी कि यह खाद्य सामग्री किसकी है और इसे कहां उतारा जाना था।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी सीपी शर्मा, दीपक कुमार और अनुपम चोयल ने मौके पर खाद्य सामग्री के मालिक का पता लगाने का प्रयास किया, लेकिन कोई भी व्यक्ति आगे नहीं आया। इसके बाद अधिकारियों ने नियमानुसार संदिग्ध मावे और नमकीन के नमूने लेकर उन्हें सील कर दिया।
गड्ढा खुदवाकर मौके पर ही नष्ट कराई सामग्री
मावे और नमकीन की गुणवत्ता बेहद संदिग्ध होने के साथ ही लावारिस मिलने के कारण खाद्य सुरक्षा दल ने इसे तुरंत नष्ट करने का फैसला लिया। मौके पर पहुंचे तहसीलदार कुलदीप मीणा की मौजूदगी में तत्काल जेसीबी मशीन मंगवाई गई। जेसीबी मशीन के माध्यम से एक बड़ा गड्ढा खुदवाया गया और पूरी 600 किलोग्राम खाद्य सामग्री को उसमें डालकर दबा दिया गया। प्रशासन ने यह कदम इसलिए उठाया ताकि इस दूषित सामग्री का दोबारा प्रयोग न हो सके और इसे बाजार में बिकने से रोका जा सके।
पनीर और मिठाइयों के नमूने लिए
स्वास्थ्य विभाग की इस मुहिम के तहत केवल बसों की ही नहीं, बल्कि विभिन्न कस्बों में स्थित मिष्ठान भंडारों और डेयरी प्रतिष्ठानों की भी जांच की जा रही है। अभियान के दौरान खाद्य सुरक्षा दल ने रावतसर स्थित मैसर्स जेपी पनीर नामक प्रतिष्ठान पर कार्रवाई करते हुए वहां से पनीर और दूध के कुल चार नमूने संग्रहित किए।
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इसके बाद पल्लू में कार्रवाई करते हुए दल ने मै. भाई-भाई स्वीट्स से मावा और रसगुल्ले के नमूने लिए। पल्लू के ही एक अन्य प्रतिष्ठान मैसर्स सांवरिया मिष्ठान से गुलाब जामुन का नमूना लेकर उसे प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि त्योहार के समय मिठाइयों और नमकीन की मांग बहुत बढ़ जाती है। इसका अनुचित लाभ उठाने के लिए कुछ विक्रेता खराब मावे या दूषित तेल में तैयार सामग्री बेचने की कोशिश करते हैं।