देश भर में आज होली की त्यौहार हर्षोल्लास के साथ मनाया जाएगा। होलिका दहन कर सुख शांति की कामना की जाएगी। इस बार होलिका दहन रविवार को 6.30 से 6.42 बजे तक प्रदोष युक्त भद्रा रहित सर्वार्थसिद्धि योग में किया जा सकेगा।
पं. राजकुमार चतुर्वेदी के अनुसार भद्रा सुबह 8.21 पर समाप्त होगी।13 मार्च को धुलंडी पर रंग-गुलाल लगाया जाएगा। सर्वार्थसिद्धि योग 12 मार्च को शाम 5.42 से 13 को शाम 6.44 बजे तक रहेगा। होली दहन के दिन राजयोग सुबह 6.45 से शाम 5.35 बजे तक रहेगा। शास्त्रों में होली को सिद्घिरात्रि माना गया है। इस दिन किए गए अनुष्ठान वर्षभर लाभ देते हैं। होली के बाद सूर्य के मीन राशि में होने से एक माह तक विवाह के शुभ मुहूर्त नहीं हैं। दोबारा वैवाहिक आयोजन 15 अप्रैल से शुरू होंगे। होलिका दहन सर्वार्थसिद्धि योग में होगा। दहन में भद्रा बाधक नहीं बनेगी। होली पर बन रहे विशेष संयोग से इस वर्ष विशेष शुभ रहेगा।
उधर जानकारों की मानें तो होली के दिन जो भी मेष, कर्क, तुला और मकर लग्न में जन्म लेगा वह बालक विशेष प्रतिभा का धनी होगा। होली के दिन गजकेसरी (गुरु एवं चन्द्रमा केन्द्र में हो तब गजकेसरी योग बनता है) अत्यन्त ही उत्तम योग बन रहा है। गजकेसरी योग में जन्म लेने वाले जातक मेधावी होते हैं। ग्रहों को प्रबल बनाने के लिए होली का दिन अत्यंत शुभ है। जो भी व्यक्ति कुंडली में ग्रहों की कमजोर स्थिति के कारण परेशान है उसे होली के दिन ग्रहों को मजबूती प्रदान करने के लिए आपको संबंधित ग्रह को मजबूत करने के लिए जिस वर्ण का ग्रह हों यानी जिस रंग से संबंध रखता हों उससे होली खेलनी चाहिए। होली के दिन बुध का नीच भंग योग भी बन रहा है।