विश्व क्षय रोग दिवस के अवसर पर सोमवार को सिरोही और आबूरोड सहित जिलेभर में जागरूकता रैलियां आयोजित की गईं। इन रैलियों के माध्यम से आमजन को टीबी के कारणों, लक्षणों और बचाव के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने जिले की 73 ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है और अधिकारियों व कर्मचारियों को इसके लिए सक्रिय रूप से कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
जिला मुख्यालय पर जिला कलेक्टर अल्पा चौधरी ने और आबूरोड में सीएचसी प्रभारी डॉ. पीएन गुप्ता ने जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रैलियां मुख्य मार्गों से होकर गुजरीं, जिसमें आईईसी फ्लैक्स और ऑटो माइकिंग के माध्यम से लोगों को टीबी रोग के बारे में जागरूक किया गया।
विद्यार्थियों को दी गई जागरूकता की जानकारी
रैली में भाग लेने वाले विद्यार्थियों को डॉ. विनोद जोशी ने क्षय रोग के लक्षण, बचाव और उपचार की जानकारी दी। इसके साथ ही चिकित्सा विभाग की ओर से विद्यार्थियों को टीबी जागरूकता वाली टी-शर्ट और टोपी वितरित की गई। इस दौरान जिला क्षय अधिकारी डॉ. विवेक कुमार, डॉ. बजरंगलाल रेवाड़, सत्यभान सिंह, दिलीप कुमार, रजत गुर्जर, विनोद कुमार, भूपेंद्र कुमार विश्नोई, विशालदीप सिंह, योगेश कुमार सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
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एम्स में भी हुआ आयोजन
आबूरोड में जनजातीय विकास विभाग के भवन में संचालित एम्स अस्पताल में भी क्षय दिवस के उपलक्ष्य में कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें सीएचसी प्रभारी डॉ. पीएन गुप्ता और डॉ. रौनक माथुर ने क्षय रोग दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। इस मौके पर एम्स के डॉ. आसाराम, ब्लॉक स्टंट्स बलवीर सिंह और देबू अग्रवाल भी उपस्थित रहे।
टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. दिनेश खराड़ी ने बताया कि इस वर्ष जिले की 73 ग्राम पंचायतों को प्रधानमंत्री टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर चयनित किया गया है। इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सतत प्रयास जारी रहेंगे। क्षय रोग दिवस पर आयोजित इन रैलियों और कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया गया, जिससे समय रहते रोग की पहचान और उपचार संभव हो सके।