राज्यसभा सांसद नीरज डांगी ने सोमवार को राज्यसभा के प्रश्नकाल के दौरान देश में हवाई यात्राओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने मौखिक प्रश्न के माध्यम से केन्द्र सरकार को चेताया कि विमान कंपनियों द्वारा अधिक से अधिक कमाई की होड़ में प्रशिक्षित इंजीनियरों और आधुनिक उपकरणों के अभाव में भी हवाई जहाजों का संचालन किया जा रहा है। इससे यात्रियों की सुरक्षा खतरे में पड़ रही है।
तकनीकी खामियों के कारण आपातकालीन लैंडिंग
सांसद डांगी ने विमानों में तकनीकी खामियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान विभिन्न विमान कंपनियों को तकनीकी खामियों के कारण आपातकालीन लैंडिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा है। उन्होंने कहा कि इन कंपनियों में प्रशिक्षित इंजीनियरों और आधुनिक उपकरणों की कमी है, जिससे तकनीकी समस्याओं से निपटना मुश्किल हो रहा है।
डांगी ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा विमानन सुरक्षा के लिए पर्याप्त उपाय नहीं किए गए हैं, जिससे हवाई यात्राएं आम जनता के लिए जोखिमभरी हो गई हैं। उन्होंने सरकार से अपील की कि इन मुद्दों को गंभीरता से लिया जाए और विमानन सुरक्षा को प्राथमिकता दी जाए। इस मुद्दे पर सरकार का क्या रुख होगा और क्या कदम उठाए जाएंगे, यह देखना महत्वपूर्ण होगा। हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित और ठोस कदम उठाना अत्यंत आवश्यक है।
दो वर्षों के दौरान विमानों की 14 आपातकालीन लैंडिंग
सांसद नीरज डांगी के प्रश्न के प्रत्युत्तर में नागर विमानन मंत्रालय ने ये माना कि पिछले दो वर्षों के दौरान विमानों की 14 ऐसी आपातकालीन लैंडिंग की घटनाए हुई हैं, जो अंत्यन्त खेदजनक हैं। आपातकालीन लैंडिंग के दौरान अनहोनी होने की पूरी संभावनाएं होती हैं, परन्तु गनीमत रही की कोई अनहोनी नहीं हुई।
केंद्र सरकार को इस और ध्यान देते हुए अत्याधुनिक उपकरणों एवं प्रशिक्षित इंजीनियरों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए, जिससे कोई हादसा होने की संभावना न रहे। उन्होंने केन्द्र सरकार से आग्रह किया कि देश के लोगों की जिन्दगी से कोई खिलवाड़ न हो इसे गंभीरता से लेते हुए समस्त विमान कंपनियों द्वारा विमानों के संचालन में प्रशिक्षित इंजीनियरों एवं आधुनिक उपकरणों की कमी को पूरा किया जाना चाहिए।