अधिकारियों के साथ बैठक करते जिला कलेक्टर शुभम चौधरी।
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जिला कलेक्टर शुभम चौधरी की अध्यक्षता में सोमवार को डीओआईटी सभागार में साप्ताहिक समीक्षा बैठक आयोजित हुई। इसमें उन्होंने जिले में आगामी बरसात के सीजन के दौरान मौसमी बीमारियों को लेकर आवश्यक तैयारियां और दवाइयां उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके साथ ही अधिकारियों और कर्मचारियों को बिना कारण मुख्यालय नहीं छोड़ने के लिए पाबंद किया गया है।
बैठक में जिला कलेक्टर चौधरी ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशा अनुरूप आमजन को राहत पहुंचाने और विभिन्न स्तर पर लंबित प्रकरणों के निस्तारण करवाने के आदेश दिए। बैठक में संपर्क पोर्टल पर दर्ज प्रकरणों और विभिन्न स्तर पर लंबित प्रकरणों तथा विभिन्न वीवीआईपी कार्यालयों से प्राप्त प्रकरण और उन पर की गई कारवाई की समीक्षा की तथा लंबित प्रकरणों के निस्तारण करवाने को पाबंद किया।
जिला कलेक्टर ने उपखंड अधिकारियों और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को मौसमी बीमारियों के संबंध में आवश्यक तैयारी करने व दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के आदेश दिए। टूटी हुई सड़कों की मरम्मत करवाने, सीमा ज्ञान के प्रकरणों का निस्तारण करने तथा मानसून के संबंध में समस्त तैयारी सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
बैठक में जिला कलेक्टर ने आगामी 29 जून को आयोजित होने वाले मुख्यमंत्री रोजगार उत्सव की तैयारियों की समीक्षा की। इसमें राज्य से प्राप्त निर्देशानुसार सभी संबंधित विभागों को आवश्यक कारवाई सुनिश्चित करने की बात कही। इस दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेशराय सापेला और मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रकाशचंद अग्रवाल सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी एवं कर्मचारी
बैठक में जिला कलेक्टर ने कहा कि मानसून के दौरान कोई अधिकारी एवं कर्मचारी को काई भी अधिकारी कर्मचारी बिना पूर्वानुमति के मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे। उन्होंने ऐसा करते पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपखंड अधिकारियों को नवीन विधियों से संबंधित आयोजित की जाने वाली संगोष्ठियों के लिए समस्त आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने की बात भी कही। उन्होंने कहा कि इन संगोष्ठियों और कार्यशालाओं का वृह्द स्तर पर आयोजन किया जाए तथा हर वर्ग के लोगों को इसमें आमंत्रित भी किया जाए।
जिला कलेक्टर ने जिले में विभाग वार विभिन्न अधिकारियों के स्तर पर लंबित ई-फाइलों की समीक्षा करते हुए उनके निस्तारण का समय कम करने की बात की साथ ही अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ अधिकारियों के स्तर पर लंबित फाइलों की मॉनिटरिंग भी करें और समयबद्ध निस्तारण करें। जिला कलेक्टर ने सभी उपखंड अधिकारियों को ब्लॉक स्तर पर आयोजित समीक्षा बैठकों में नियमित रूप से संपर्क पोर्टल और ई-फाइलों का रिव्यू करने के निर्देश दिए।