SBI के लॉकर से ज्वैलरी सुरक्षा में लापरवाही का नतीजा
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सिरोही जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग अध्यक्ष अभिमन्यु सिंह राठौड़ एवं सदस्या ममता जैन ने माना कि कोई व्यक्ति अपने बैंक के लॉकर में अपना बेशकीमती सामान इसलिए रखता है, क्योंकि वह निश्चिंत हो सके कि बैंक द्वारा उसके सामान की उचित देखभाल व सुरक्षा की जा रही है।
मामलें के गहन अध्ययन के बाद पाया गया कि बैंक के आसपास कोई रहवासी मकान या रिहायशी क्षेत्र नहीं था, बैंक के पीछे गौशाला की जमीन थी। आयोग ने माना कि ऐसी स्थिति में बैंक ने 24 घंटे सुरक्षा गार्ड की तैनाती नहीं कर न सिर्फ सुरक्षा में चूक की है, बल्कि चोरों के लिए चोरी करना काफी आसान बना दिया। बैंक की इस हरकत को सेवादोष माना गया है। अपने फैसले में आयोग द्वारा मोतीसिंह व गिरधर गोपाल को गहनों की संपूर्ण कीमत ब्याज सहित मय मानसिक क्षति मुआवजा व परिवाद व्यय 45 दिन के भीतर अदा करने का आदेश दिए है।
रात को बैंक लॉकर से हुई थी चोरी
गौरतलब है कि 26 फरवरी 2021 की रात को करीब 8 बजे एसबीआई बैंक शाखा शिवगंज का समस्त स्टाफ काम खत्म करने के बाद बैंक में लॉक लगाकर अपने-अपने घर चला गया था। बैंक में 24 घंटे गार्ड की व्यवस्था नहीं थी। 27 फरवरी 2021 व 28 फरवरी 2021 के अवकाश के दौरान रात में चोरों ने कटर मशीनरी व छीनी हथौड़े का प्रयोग कर बैंक परिसर में स्थित लॉकर रूम की छत को तोड़कर अंदर प्रवेश किया। चोरों ने लॉकरों को तोड़ दिया व उनके अन्दर रखा बेशकीमती सामाना चुराकर फरार हो गए। बैंक प्रबंधक व स्टाफ को तो चोरी का तब पता चला जब 1 मार्च 2021 को सवेरे करीब 10:45 बजे चन्द्रपाल सिंह अपना लॉकर खोलने आए। इस घटना में मोतीसिंह के लॉकर में रखे करीब 40 लाख रुपये के गहनें व गिरधर गोपाल के लॉकर में रखे करीब 10 लाख रूपये के गहनें चोरी हो गए थे।