सिरोही। अपर जिला एवं सत्र न्यायालय आबूरोड।
सिरोही अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-1 कुलदीप सूत्रकार ने पत्नी की हत्या के मामले में आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न चुकाने पर एक साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
5 नवंबर 2021 को बरामद हुआ था शव
इस मामले में उपनिदेशक अभियोजन श्रीमती राजश्री व्यास ने बताया कि 6 नवंबर 2021 को खारा खुणा, धरेड़ा, दांता, जिला बनासकांठा निवासी गणेशभाई पुत्र नवाभाई गरासिया ने आबूरोड रीको पुलिस थाना में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया कि उनकी भतीजी मानकी पुत्री लीबाभाई का डेरी निवासी सकुरा पुत्र बाबू के साथ विवाह हुआ था। 5 नवंबर 2021 को सुबह करीब 11 बजे भतीजी मानकी का शव फिनियाफली से इंडिफली जाने वाले रास्ते पर पड़ा मिला। शव अस्त-व्यस्त हालत में था और उसके शरीर पर गंभीर चोटों के निशान, खून बिखरा हुआ और पीछे से उखड़े बाल पाए गए। पीठ पर घसीटने के निशान भी थे। मौके पर मृतका का मंगलसूत्र जैसा ताबीज भी पड़ा हुआ था।
पति पर लगा था हत्या का आरोप
शिकायत में आरोप लगाया गया कि सकुरा ने अपनी पत्नी मानकी की बर्बर हत्या कर शव को घसीटकर जंगल में फेंका। प्रार्थी ने बताया कि सकुरा ने इससे पहले भी मृतका के साथ मारपीट की थी और उसे धमकी दी थी कि मौका मिलते ही वह उसे जान से मार देगा।
गवाह और साक्ष्य
जांच के दौरान आबूरोड रीको पुलिस ने आरोपी सकुरा के खिलाफ न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत किया। अभियोजन पक्ष ने कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज कराए और 50 दस्तावेज न्यायालय में पेश किए। पुलिस द्वारा बरामद माल पर 8 आर्टिकल भी न्यायालय में प्रस्तुत किए गए।
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अब कोर्ट ने सुनाई आजीवान कारावास की सजा
दोनों पक्षों की बहस सुनने और अभियोजन की दलीलों पर विचार करने के बाद न्यायाधीश कुलदीप सूत्रकार ने सकुरा पुत्र बाबू को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी ठहराया। उसे भारतीय दंड संहिता के तहत आजिवन कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना न चुकाने पर उसे एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।