पुलिस ने रोहिड़ा थाना क्षेत्र के लीलूडी बड़ली गांव में चार दिन पहले हुए ब्लाइंड मर्डर केस का पर्दाफाश करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि आरोपी और मृतक ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद दोनों के बीच गाली-गलौज और झगड़ा हो गया। गुस्से में आकर आरोपी ने मृतक के साथ मारपीट कर दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को शहीद स्मारक के बाहर फेंक दिया।
पुलिस ने बताया कि मामले में लीलूडी बड़ली निवासी नोनाराम पुत्र सवाजी गमेती भील को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में आरोपी ने अपराध करना कबूल कर लिया है। कार्रवाई में थानाधिकारी गीतासिंह, सहायक उपनिरीक्षक छैलसिंह, हेड कांस्टेबल रोहिताश कुमार, देवाराम, समयसिंह, कांस्टेबल बजरंगलाल (विशेष भूमिका), रामलाल और कांजी कुमार शामिल रहे। मामले में मृतक के भाई भुलसी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी।
पुलिस के लिए मामला सुलझाना काफी पेंचीदा था क्योंकि वारदात आदिवासी क्षेत्र में हुई थी और इलाके में न तो सीसीटीवी कैमरे थे और न ही मृतक किसी प्रकार के सोशल मीडिया या डिजिटल साधनों का प्रयोग करता था।
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ऐसे में जांच टीमों ने इलाके में जाकर लोगों से मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ की। जांच के दौरान कांस्टेबल बजरंगलाल को पता चला कि आरोपी नोनाराम भील का घर घटनास्थल के पास ही है और वारदात के बाद से वह लापता है। टीम ने पहाड़ी इलाके में लगातार पैदल ट्रैकिंग कर आरोपी को भुला गांव की पहाड़ियों से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार मृतक जयपाल इलाके में गुब्बारे और कॉस्मेटिक सामान बेचने का काम करता था। 29 नवंबर को वह आरोपी नोनाराम के घर पहुंचा, जहां दोनों ने साथ बैठकर शराब पी। शराब के नशे में दोनों में गाली-गलौज हो गई। जब जयपाल वहां से जाने लगा तो आरोपी ने उसे पीटकर गिरा दिया और फिर उसके दुपट्टे से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी।
हत्या के बाद आरोपी ने शव को दिनभर अपने घर के बाहर रखा और रात करीब 10 बजे अंधेरे में शव को शहीद स्मारक के पास दीवार के सहारे रख दिया, ताकि ऐसा लगे कि वह शराब पीने से मरा है।