आबूरोड में कांग्रेस की खींचतान उजागर
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सिरोही जिले के आबूरोड स्थित भगवती रिसॉर्ट में रविवार को नवनियुक्त जिलाध्यक्ष लीलाराम गरासिया का अभिनंदन समारोह आयोजित किया गया। समारोह का उद्देश्य संगठनात्मक एकता और मजबूती का संदेश देना था, हालांकि मंच पर ही कांग्रेस के दो प्रमुख नेताओं पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और राज्यसभा सांसद नीरज डांगी के समर्थकों के बीच वर्चस्व की पुरानी खींचतान दोबारा उजागर हो गई।
कार्यक्रम में जिलाध्यक्ष गरासिया ने सभी को साथ लेकर चलने, संगठन का विस्तार करने और आगामी पंचायतीराज, नगर निकाय, जिला परिषद व अन्य चुनावों में बेहतर प्रदर्शन का भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि संगठनात्मक मजबूती ही बेहतर परिणामों की कुंजी है।
सांसद नीरज डांगी ने कहा कि गरासिया जिलाध्यक्ष पद के लिए उपयुक्त उम्मीदवार थे और पार्टी ने उनकी योग्यता को देखते हुए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। उनका कहना था कि यह निर्णय पहले लिया जाता तो संगठन और मजबूत हो सकता था। उन्होंने भरोसा जताया कि गरासिया निष्पक्षता से कार्य करेंगे।
इसी बीच कार्यक्रम में तब तनावपूर्ण स्थिति बनी जब पूर्व विधायक संयम लोढ़ा अपना संबोधन दे रहे थे। भाषण के दौरान नीरज डांगी समर्थक और पीसीसी सदस्य अमित जोशी अचानक मंच पर चढ़ गए। लोढ़ा ने उन्हें हटने का संकेत दिया, जिसके बाद जोशी नीचे उतर गए। इस घटना पर मौजूद कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तालियां बजाईं। यह क्षण समारोह का सबसे विवादित हिस्सा बन गया।
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डांगी के मंच पर आते ही उनके समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी शुरू कर दी। बार-बार शांत रहने के संकेत देने के बावजूद समर्थक नारे लगाते रहे, जिससे डांगी को अपना भाषण शुरू करने में देरी हुई। इससे समारोह में दोनों गुटों के बीच तनाव और स्पष्ट हो गया।
समारोह के दौरान गरासिया का स्वागत 151 किलोग्राम की विशाल फूलमाला पहनाकर किया गया। कार्यक्रम के अंत में पूर्व जिला प्रमुख चंदनसिंह देवड़ा ने आभार व्यक्त किया।
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