सिरोही के माउंट आबू में लेन-देन के आपसी विवाद को लेकर एक होटल में ठहरे युवक के अपहरण करने एवं बाद में डेढ़ लाख रुपये लेकर उसे छोड़ देने का मामला सामने आया है। पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद पूरी स्थिति सामने आ सकेगी।
होटल से उठाकर ले गए, वीडियो कॉल पर दिखाया
पुलिस के अनुसार इस मामले में मंडवारिया (बरलूट), जिला सिरोही निवासी झालाराम पुत्र कसनाराम रबारी ने रिपोर्ट देकर बताया कि गत 10 जून को वह माउंट आबू के एक होटल में ठहरा हुआ था। इस दौरान रात को वहां आए युवकों ने उसका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने भूतगांव निवासी खुशवंत रावल पुत्र दिलीपभाई एवं मनादर निवासी राजूभाई रावल समेत अन्य लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से उसे दिखाया और अपने साथ ले गए। उसके साथी चिमनभाई का भी उसके साथ ही अपहरण किया गया।
बाड़मेर ले जाकर दी धमकियां, धोरों में घुमाया
पीड़ित के अनुसार अपहरण के बाद आरोपी उसे बाड़मेर के किसी गांव में ले गए, जहां उसे डराया-धमकाया गया तथा धोरों में घुमाया गया। आरोप है कि बाद में डेढ़ लाख रुपये देने पर उसे भारतमाला रोड पर स्थित एक होटल के पास उसकी गाड़ी सहित छोड़ दिया गया। अपहरण करने वालों में जगमाल समेत पांच लोगों के शामिल होने की बात कही गई है। पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अपहरणकर्ताओं ने खुद को बताया ATS अधिकारी
आरोप है कि अपहरण करने वाले युवकों ने उसे धमकाते हुए कहा कि वे लोग जयपुर एटीएस से आए हैं। अपहरण के दौरान उसे धमकाया गया कि तेरे 98 लाख रुपये मांग रहे हैं, वे दे दे, नहीं तो यह तेरी जिंदगी की आखिरी रात होगी।
पुराने लेन-देन का विवाद बना वजह!
पीड़ित ने बताया कि खुशवंत रावल के साथ उसका पुराना लेन-देन का विवाद चल रहा था। उसके अनुसार खुशवंत उससे 20 लाख रुपये मांगता था, जबकि वह खुद उससे 98 लाख रुपये लेना चाहता है। इसी विवाद को लेकर घटना को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई गई है।
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हर एंगल से जांच में जुटी पुलिस
पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही है। जांच के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस आरोपियों की भूमिका, लेन-देन के विवाद और कथित अपहरण की परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है।