न्यायालय जिला एवं सेशन न्यायाधीश सिरोही
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एनडीपीएस कोर्ट सिरोही द्वारा 12 साल पहले 51.200 किलोग्राम अफीम दूध तस्करी मामले में दो आरोपियों को दोषी करार दिया गया है। इस मामले में आरोपियों को 10-10 साल के कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
जानकारी के अनुसार, मामले में बरलूट के तत्कालीन थानाधिकारी देवीचंद ढाका को सात दिसंबर 2012 को सुबह करीब 8:25 बजे सूचना मिली कि एक ट्रक में मध्यप्रदेश से अफीम दूध भरकर जावाल होते हुए जालौर की तरफ जा रहा है। इसके बाद पुलिस द्वारा बवडा गांव के पास नाकाबंदी की गई थी। उस दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा वहां से गुजर रहे एक ट्रक को रुकवाकर तलाशी ली गई तो उसमें ड्राइवर के पीछे बॉक्सनुमा बना हुआ था तथा उसके ढक्कन का ताला लगा हुआ पाया गया था। ट्रक में सवार ओमप्रकाश नामक युवक के पास इसकी चाबी मिली।
ओमप्रकाश से लॉक खुलवाकर देखा तो उसमें प्लास्टिक की पारदर्शी थैली में काले रंग का द्रव्य पदार्थ पाया गया। इसकी जांच करने पर वह अफीम का दूध निकला। अफीम के दूध को लेकर लाइसेंस के बारे में पूछे जाने पर किसी तरह का कोई कागजात नहीं मिला। बक्से में मिले पांच कट्टों का वजन करने पर 51.200 किलोग्राम अफीम का दूध मिला। इस पर पुलिस द्वारा अफीम का दूध जब्त करने के साथ ही दोनों युवकों को गिरफ्तार कर लिया गया।
दोनों आरोपियों को जांच के बाद आरोप पत्र सहित कोर्ट में पेश किया गया था। कोर्ट में बहस के दौरान न्यायालय ने लोक अभियोजक डॉ. लक्ष्मण सिंह बाला की ओर से प्रस्तुत किए गए तर्कों एवं तथ्यों से सहमत होकर एनडीपीएस न्यायालय की विशिष्ठ न्यायाधीश रूपा गुप्ता ने फैसला सुनाया। साथ ही अफीम दूध तस्करी के आरोपी जैताराम पुत्र हरजीराम तथा ओमप्रकाश उर्फ प्रकाश पुत्र कसाराम निवासी कोटड़ा पुलिस थाना करड़ा जिला जालौर को 10-10 साल का कठोर कारावास और दो-दो लाख रुपये अर्थदंड से दंडित किया है।