आबूरोड नगरपालिका चुनाव को लेकर निर्दलीय प्रत्याशियों को चुनाव चिह्न आवंटित कर दिए गए। रिटर्निंग अधिकारी रामस्वरूप जौहर की मौजूदगी में एक से अधिक प्रत्याशियों की ओर से समान चुनाव चिह्न मांगे जाने पर नियमानुसार लॉटरी के जरिए आवंटन किया गया। आबूरोड में इस बार भाजपा और कांग्रेस के 40-40, बहुजन समाज पार्टी के 5, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 4 और 58 निर्दलीय प्रत्याशियों समेत कुल 147 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं।
लॉटरी से तय हुए चुनाव चिह्न, 147 उम्मीदवार मैदान में
एक से अधिक निर्दलीय अभ्यर्थियों की ओर से समान चुनाव चिह्न की मांग किए जाने पर नियमानुसार लॉटरी के माध्यम से चुनाव चिह्न आवंटित किए गए। शहर में इस बार कुल 147 अभ्यर्थी चुनाव लड़ रहे हैं। इनमें भाजपा के 40, इंडियन नेशनल कांग्रेस के 40, बहुजन समाज पार्टी के 5, राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के 4 और निर्दलीय 58 अभ्यर्थी शामिल हैं।
चुनाव चिह्न मिलते ही उम्मीदवारों ने वार्डों में चुनाव कार्यालय खोलने और प्रचार सामग्री लगाने का काम शुरू कर दिया है। इसके साथ ही ऑटो के जरिए भोंपू प्रचार भी शुरू हो गया है। शहर के अलग-अलग वार्डों में चुनावी माहौल अब तेज होता नजर आ रहा है।
आचार संहिता और चुनावी खर्च की जानकारी दी
चुनाव चिह्न आवंटन के दौरान रिटर्निंग अधिकारी ने प्रत्याशियों को आदर्श आचार संहिता के बारे में जानकारी दी और उसका पालन करने के लिए पाबंद किया। उन्हें चुनाव के दौरान होने वाले खर्च और उससे जुड़े नियमों के बारे में भी विस्तार से बताया गया। रिटर्निंग अधिकारी ने बताया कि मतदान के दिन मतदान केंद्र से 200 मीटर की दूरी के बाहर निर्वाचन बूथ स्थापित किए जा सकेंगे। इस संबंध में प्रत्याशियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए गए।
40 मतदान और 2 सहायक मतदान केंद्रों पर होगा मतदान
सहायक रिटर्निंग अधिकारी संजय बोहरा के अनुसार, आबूरोड शहर के 40 वार्डों में कुल 38,280 मतदाता हैं। इनमें 19,808 पुरुष, 18,866 महिला और 6 तृतीय लिंग के मतदाता शामिल हैं। मतदान के लिए कुल 40 मतदान केंद्र और 2 सहायक मतदान केंद्र बनाए गए हैं। इस तरह शहर में कुल 42 मतदान केंद्रों पर मतदान होगा।
चुनाव की तैयारियों को लेकर नगरपालिका क्षेत्र के बीएलओ की बैठक भी आयोजित की गई। बैठक में चुनाव से संबंधित विभिन्न निर्देश और आदेश जारी किए गए। अब प्रत्याशियों के सामने कम समय में ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं तक पहुंचने की चुनौती है और चुनाव प्रचार लगातार जोर पकड़ रहा है।