संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत के बाद नाराज संत
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सिरोही जिले के शिवगंज में संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध मौत के मामले को लेकर साधु-संतों का गुस्सा फूट पड़ा है। निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर संत समाज शिवगंज थाने के बाहर धरने पर बैठ गया है। प्रदर्शन के दौरान संत हर-हर महादेव और सनातन बचाओ के नारे लगाते हुए आम लोगों को संबोधित कर रहे हैं। संतों का कहना है कि मौत से जुड़े सभी वीडियो और साक्ष्यों की गहन जांच करके सच्चाई सामने लाई जानी चाहिए। पुलिस की अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट संतों ने अपनी मांगों को लेकर आंदोलन का रास्ता चुना है।
उच्च अधिकारियों को मौके पर बुलाने की मांग
साधु-संत शिवगंज थाने के बाहर पड़ाव डालकर बैठे हैं और मौके पर सिरोही पुलिस अधीक्षक तथा जिला कलेक्टर को बुलाने की मांग कर रहे हैं। संतों का स्पष्ट कहना है कि जब तक मौत से जुड़े सवालों की निष्पक्ष जांच नहीं होती, तब तक उनका आक्रोश शांत नहीं होगा। शनिवार सुबह 11 बजे थाने का घेराव कर धरने पर बैठने का आह्वान किया गया था। इसके लिए संतों ने 36 कौम के लोगों और सनातन धर्म में विश्वास रखने वालों से एकजुट होकर सहयोग करने की अपील की है। संत समाज चाहता है कि पुलिस बिना किसी दबाव के जांच प्रक्रिया पूरी करे।
पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार पहुंचे धरना स्थल
शिवगंज में चल रहे इस धरना-प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार संयम लोढ़ा भी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने भारतीय जनता पार्टी के प्रति भी अपनी नाराजगी व्यक्त की। इस पर संतों ने कहा कि यह विषय किसी राजनीतिक दल का नहीं है, बल्कि न्याय से जुड़ा हुआ सवाल है। साधु-संतों की मांग है कि मामले की पूरी सच्चाई सामने आए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
संतों की सुरक्षा और हालिया घटनाओं पर सवाल
संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत का यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब हाल ही में झुंझुनूं जिले के लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास महाराज की मौत से भारी जनाक्रोश फैला था। उनका शव एक पहाड़ी की गहरी खाई में झाड़ियों के बीच से बरामद हुआ था। उस समय संतों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन को ससम्मान पार्थिव देह नीचे न लाने पर स्थिति बिगड़ने की चेतावनी दी थी।