सिरोही जिला बाल संरक्षण इकाई एवं बाल अधिकारिता विभाग के तत्वावधान में संचालित गोराधाय योजना अंतर्गत रिद्धि-सिद्धि सेवा संस्थान द्वारा संचालित सेंटर पर रह रहे दो बालक एवं दो बालिकाओं को परिजनों से मिलवाया।
जिला बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक राजेन्द्र कुमार पुरोहित के अनुसार, दो बालिकाओं जो करीब दो साल पहले बाल कल्याण समिति बनासकाठा से सिरोही बाल कल्याण समिति को हस्तांतरित की गई थी। इन बालिकाओं को शेल्टर गोराधाय ग्रुप फोस्टर केयर योजना से जोड़ा गया था। इनके परिवार की सूचना प्राप्त नहीं होने से इनका पूर्नवास किया जाना संभव नहीं हो पा रहा था।
बाल अधिकारिता विभाग के विशेष प्रयास से इनके पिता का पता चला कि उसके पिता अजमेर के कारागृह में हैं। पिता से विभाग द्वारा संपर्क स्थापित कर इनकी बुआ का निवास स्थान पता कर पूर्नवास किया गया। दो बालिकाओं के माता जो जोधपुर कारागृह में थी। उससे सहमति प्राप्त कर दो बालिकाओं को पारिवारिक पूर्नवास किया गया।
बालक-बालिकाओं के पूर्नवास में बाल कल्याण समिति अध्यक्ष रतन बाफना, सदस्य प्रताप सिंह, प्रकाश माली, उमाराम रेबारी एवं शशिकला मरडीया के साथ अधीक्षक राजकीय सम्प्रेक्षण एवं किशोर गृह के अधीक्षक भंवर सिंह परिवीक्षा अधिकारी रणछोड कुमार गर्ग के साथ बाल अधिकारिता विभाग के संरक्षण अधिकारी कन्हैयालाल एवं आउट रिच वर्कर दिलीप धवल ने विशेष भूमिका निभाई।