भारत का परिवहन मंत्रालय कहता है कि किसी भी वाहन की उम्र 15 साल से ज्यादा होने पर रजिस्ट्रेशन खत्म हो जाएगा। इसके बाद वहान का प्रदूषण और फिटनेस नॉर्म्स पूरा होने के बाद ही री-रजिस्ट्रेशन हो सकता है। वहीं, सिरोही नगर परिषद आयुक्त के लिए कंडम गाड़ी उपयोग हो रही है। वो भी बिना रजिस्ट्रेशन वाली, जिसमें दो बार आग भी लग चुकी है।
सरकारी नियमानुसार 15 साल पुराना वाहन कंडम हो जाता है। उसे नीलामी या स्क्रैप में बेचकर निस्तारण कर दिया जाता है। परिवहन विभाग के DTO ऑफिस से जारी रजिस्ट्रेशन भी सिरोही नगर परिषद आयुक्त के लिए दी गई कार की खत्म हो चुकी है, लेकिन दूसरी गाड़ी अलॉट नहीं होने से बिना रजिस्ट्रेशन के ही अवैध रूप से सरकारी गाड़ी चल रही है।
प्रत्येक वाहन का रजिस्ट्रेशन भी परिवहन विभाग से 15 साल के लिए ही जारी होता है। उसके बाद उस वाहन को परिवहन विभाग कंडम वाहन घोषित करता है, लेकिन सिरोही नगर परिषद आयुक्त के लिए आवंटित सरकारी गाड़ी सड़क पर दौड़ रही है। नगर परिषद की ये गाड़ी जनवरी 2008 में रजिस्ट्रेशन करवाई गई थी, यानी इस गाड़ी की उम्र 15 साल से अधिक हो चुकी है और इसका रजिस्ट्रेशन भी जनवरी 2023 में खत्म हो चुका है।
परिवहन विभाग ने इस गाड़ी के रजिस्ट्रेशन को अभी तक रिन्यु नहीं किया है, यानी ये गाड़ी अब किसी भी सूरत में सड़क पर नहीं चल सकती है, लेकिन नगरपरिषद की मज़बूरी कहें या फिर DLB के जिम्मेदारों की घोर लापरवाही है, जो भी हो ये सरकारी नियम कायदों की अवहेलना नहीं तो और क्या है? बिना रजिस्ट्रेशन के सड़क पर दौड़ने वाली नगर परिषद की इस गाड़ी में दो बार हादसे भी हो चुके हैं। फर्राटे से दौड़ती इस गाड़ी में दो बार अचानक से आग लग चुकी है। इतना ही नहीं कई बार ये गाड़ी सड़क पर चलते चलते ही हांफ कर बंद हो जाती है, लेकिन DLB के जिम्मेदार इस गाड़ी को कंडम घोषित करवाकर सिरोही नगर परिषद को नई गाड़ी आवंटित नहीं कर रहे। जिसके कारण नगरपरिषद आयुक्त और ड्राइवर अपनी जान जोखिम में डालकर इस खटारा और अवैध गाड़ी से यात्रा करने पर मज़बूर हैं।