राजस्थान की समृद्ध संस्कृति, परंपराओं और लोगों के आतिथ्य सत्कार ने एक फ्रांसीसी जोड़े को इतना प्रभावित किया कि उसने भारतीय वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने का फैसला लिया। फ्रांस निवासी हूबर्ट और उनकी मंगेतर सोफी ने राजस्थान के सीकर जिले के दूजोद गांव में बुधवार शाम सात फेरे लेकर जीवनभर साथ निभाने का संकल्प लिया। गांव में हुए इस अनूठे विवाह में स्थानीय ग्रामीणों ने भी उत्साह के साथ हिस्सा लिया और आतिशबाजी कर नवविवाहित जोड़े का स्वागत किया।
दूजोद गांव में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न हुईं विवाह की रस्में
दूजोद गांव के पूर्व सरपंच विक्रम सिंह शेखावत के आवास पर विवाह के लिए मंडप सजाया गया था। पंडित देवेंद्र शर्मा ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूरी निष्ठा और विधि-विधान से विवाह की सभी रस्में संपन्न कराईं। हूबर्ट और सोफी ने पवित्र अग्नि को साक्षी मानकर सात फेरे लिए और दाम्पत्य सूत्र में बंध गए।
भारतीय संस्कृति और संयुक्त परिवार से प्रभावित हुए हूबर्ट
जीव विज्ञान के क्षेत्र में शोध कर रहे हूबर्ट करीब दो वर्ष पहले 30 पर्यटकों के एक दल के साथ भारत घूमने आए थे। उस समय दूजोद निवासी फ्रेंच गाइड गोवर्धन सिंह ने उन्हें जयपुर, मंडावा, जैसलमेर, जोधपुर और आगरा सहित कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की सैर कराई थी। इसी यात्रा के दौरान हूबर्ट भारतीय संस्कारों, पारिवारिक मूल्यों और लोगों के अपनत्व से गहराई से प्रभावित हुए। उन्हें भारत में संयुक्त परिवार की परंपरा और परिवार के सदस्यों के बीच आपसी जुड़ाव खास लगा। हूबर्ट के अनुसार, फ्रांस में एक निश्चित उम्र के बाद बच्चे अपने परिजनों से अलग रहने लगते हैं, जबकि भारत में माता-पिता, बच्चों और रिश्तेदारों के बीच गहरा संबंध देखने को मिलता है। भारतीय परिवारों में एक-दूसरे के प्रति लगाव और साथ रहने की परंपरा ने हूबर्ट को खासा प्रभावित किया। इसी संस्कृति से प्रेरित होकर उन्होंने अपनी मंगेतर सोफी के साथ सीकर आकर भारतीय रीति-रिवाजों के अनुसार विवाह करने का निर्णय लिया।
फ्रांस के राजस्व विभाग में कार्यरत हैं सोफी
हूबर्ट की मंगेतर सोफी फ्रांस के राजस्व विभाग में कार्यरत हैं। उन्होंने भी भारतीय संस्कृति और परंपराओं को खुशी-खुशी अपनाया। विवाह समारोह में उन्होंने भारतीय परिधान पहने और वैदिक रीति-रिवाजों के अनुसार सभी रस्मों में भाग लिया।
दूजोद गांव में आयोजित इस विवाह ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों ने नवविवाहित जोड़े का अभिनंदन किया और उनके सुखी वैवाहिक जीवन की कामना की। भारतीय परंपराओं के अनुसार संपन्न हुए इस विवाह और गांव के लोगों के गर्मजोशी भरे स्वागत ने हूबर्ट और सोफी के लिए इस पल को यादगार बना दिया।
विवाह के बाद 11 दिन तक ऐतिहासिक स्थलों का भ्रमण करेगा जोड़ा
विवाह संपन्न होने के बाद हूबर्ट और सोफी अगले 11 दिनों तक भारत के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान वे राजस्थान के साथ अन्य क्षेत्रों की सांस्कृतिक धरोहरों को भी करीब से देखेंगे।