दुष्कर्म के आरोपी को आजीवन कारावास
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सीकर जिले में घर के बाहर खेलते वक्त 8 साल की मासूम बच्ची से दुष्कर्म के मामले में कोर्ट ने फैसला सुनाया है। कोर्ट ने इस मामले में आरोपी को अंतिम सांस तक जेल की सजा सुनाई है। आरोपी पर कोर्ट ने 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
मामले में पैरवी करने वाले लोक अभियोजक भवानी सिंह ने बताया कि यह घटना 21 मई 2025 की थी। जब मजदूरी का काम करने वाले माता-पिता अपने दो बच्चों को साथ लेकर मजदूरी करने चले गए थे। घर पर 8 साल की मासूम अकेली थी। शाम को 5 बजे उनकी 8 साल की बेटी घर के बाहर बच्चों के साथ खेल रही थी। इसी दौरान वहां पर आरोपी आया। जो मासूम को अपने साथ एक खंडहर में लेकर गया और वहां पर दरिंदगी करने के बाद उसके प्राइवेट पार्ट में लकड़ी का डंडा भी घुसा दिया। शाम को जब माता-पिता घर आए तो उन्हें बेटी वहां पर नहीं मिली। जब तलाशी ली तो बेटी खंडहर में लहूलुहान हालत में पड़ी मिली। जिसने अपनी आपबीती बताई।
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घटना के कुछ घंटे के भीतर ही पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और उसे जेल भेज दिया। इस केस को केस ऑफिसर स्कीम में चयनित करके पुलिस ने 12 जून को कोर्ट में आरोपी के खिलाफ चालान भी पेश कर दिया। इसके बाद आज फैसला सुनाया गया है।
पॉक्सो कोर्ट 1 के जज विक्रम चौधरी ने मामले में टिप्पणी करते हुए कहा कि यदि इस तरह के अपराध होते रहे तो बच्चे अपने घरों के बाहर भी खेलने से डरेंगे। आरोपी इससे पहले भी एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में सहयोगी आरोपी था हालांकि उस मामले में वह बरी हो गया था।