राजस्थान के सीकर में नीट की तैयारी कर रही 16 वर्षीय छात्रा निजी हॉस्टल के कमरे में मृत मिली। गुरुवार सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर हॉस्टल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस को छात्रा के रजिस्टर में एक नोट मिला है, जिसमें परीक्षा पास नहीं कर पाने और भविष्य को लेकर चिंता जताई गई थी। प्रारंभिक तौर पर पढ़ाई के दबाव को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस मामले की जांच कर रही है और मौत के वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
सुबह कमरे का दरवाजा नहीं खुलने पर हुआ संदेह
जानकारी के अनुसार, 16 वर्षीय छात्रा सीकर के एक निजी कोचिंग संस्थान में नीट की तैयारी कर रही थी और शहर के एक निजी हॉस्टल में रहती थी। गुरुवार सुबह करीब 6 बजे जब छात्रा ने अपने कमरे का दरवाजा नहीं खोला तो हॉस्टल स्टाफ को चिंता हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।
मौके पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा खुलवाया तो छात्रा मृत अवस्था में मिली। पुलिस को उसके रजिस्टर में लिखा एक नोट भी मिला। इसमें छात्रा ने परीक्षा पास नहीं कर पाने और भविष्य को लेकर चिंता जताई थी। प्रारंभिक तौर पर पढ़ाई के दबाव को घटना की संभावित वजह माना जा रहा है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता जांच पूरी होने के बाद ही चल सकेगा।
पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव, परिजनों को दी सूचना
पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया और परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन दोपहर करीब दो बजे सीकर पहुंचे। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
पहले भी सामने आ चुका है ऐसा मामला
सीकर में नीट की तैयारी कर रहे एक 22 वर्षीय छात्र की भी जून 2026 में आत्महत्या से मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन की ओर से कोचिंग संस्थानों के संचालकों के साथ जागरूकता अभियान चलाने की पहल की गई थी। अब नाबालिग छात्रा की मौत ने एक बार फिर विद्यार्थियों पर पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति पर ध्यान देना जरूरी
विशेषज्ञों के अनुसार, अभिभावकों, शिक्षकों और कोचिंग संस्थानों को विद्यार्थियों की मानसिक स्थिति पर लगातार ध्यान देना चाहिए। बच्चों के साथ खुलकर बातचीत करना और उन्हें अपनी परेशानियां साझा करने के लिए सुरक्षित माहौल देना जरूरी है। विद्यार्थियों को यह भरोसा दिलाना भी अहम है कि परीक्षा में सफलता ही जीवन का एकमात्र लक्ष्य नहीं है। असफलता की स्थिति में भी आगे बढ़ने के कई रास्ते मौजूद हैं।