जिले के नीमकाथाना क्षेत्र स्थित निमोद की पहाड़ी पर बने प्रसिद्ध हिंगलाज माता मंदिर से लापता हुए 5 वर्षीय बालक भावेश का दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। घटना के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद बच्चे का पता नहीं चलने से परिजनों की चिंता बढ़ती जा रही है। वहीं प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए व्यापक स्तर पर सर्च ऑपरेशन चला रखा है।
जानकारी के अनुसार भावेश अपने परिजनों के साथ हिंगलाज माता मंदिर में दर्शन करने आया था। इसी दौरान वह अचानक लापता हो गया। परिजनों की सूचना पर पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की टीमों ने तत्काल खोजबीन शुरू कर दी थी, जो दूसरे दिन भी लगातार जारी रही। मौके पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा, तहसीलदार देवीलाल चौधरी, रेंजर जोगिंदर सिंह, सदर थाना अधिकारी राजेश डूडी सहित कई पुलिस थानों का जाब्ता तैनात है। इसके अलावा वन विभाग के कर्मचारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण भी बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं।
सर्च अभियान को और प्रभावी बनाने के लिए डॉग स्क्वॉड की मदद ली गई है, जबकि ड्रोन कैमरों से पूरे पहाड़ी और जंगल क्षेत्र की निगरानी की गई। हालांकि अब तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया है। शुरुआत में आशंका जताई जा रही थी कि किसी जंगली जानवर ने बच्चे को नुकसान पहुंचाया हो सकता है लेकिन जंगल क्षेत्र में गहन तलाशी अभियान के बावजूद ऐसा कोई संकेत नहीं मिला। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाते हुए अन्य संभावित पहलुओं पर भी पड़ताल शुरू कर दी है।
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पांच दिन पहले ननिहाल आया था बालक
भावेश के पिता हरेंद्र ने बताया कि उनकी पत्नी और ससुराल पक्ष के लोग बच्चे को लेकर मंदिर में दर्शन करने गए थे। इसी दौरान भावेश पानी पीने के लिए गया और फिर अचानक गायब हो गया। उन्होंने प्रशासन से बच्चे को सकुशल तलाशने की मांग करते हुए बताया कि उनका बेटा पांच दिन पहले ही ननिहाल आया था और परिवार पिछले दो दिनों से बेहद परेशान है।
पांच थानों की पुलिस जुटी
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लोकेश मीणा ने बताया कि बालक सुबह करीब 10 बजे के बाद परिवार से बिछड़ गया था। पुलिस, वन विभाग, राजस्व विभाग और ग्रामीणों की मदद से लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि पांच थानों की पुलिस टीमें इस अभियान में लगी हुई हैं और बच्चे को जल्द से जल्द सकुशल खोजने के हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं।
मंदिर के महंत राजनाथ महाराज ने बताया कि पूजा-अर्चना के बाद परिवार मंदिर से निकल गया था। बाद में परिजन बच्चे के बारे में पूछने आए लेकिन उन्हें भी बालक के संबंध में कोई जानकारी नहीं थी। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में चिंता और बेचैनी का माहौल है। परिजन, प्रशासन और ग्रामीण लगातार बच्चे की तलाश में जुटे हुए हैं और सभी की नजरें उसके सकुशल मिलने की उम्मीद पर टिकी हैं।