यूडीएच मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने राजस्थान विधानसभा में कहा कि प्रदेश में किसी भी नगरीय निकाय की ओर से सफाई शुल्क की वसूली नहीं की जा रही है। वे कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के मूल प्रश्न का लिखित जवाब दे रहे थे।
मंत्री शांति कुमार धारीवाल ने मंगलवार को राजस्थान विधानसभा सदन में कहा कि कोटा जिले में किसी भी नगरपालिका की ओर से सफाई शुल्क की वसूली नहीं की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने सफाई शुल्क वसूली के संबंध में नगरीय संस्थाओं को अलग से कोई भी निर्देश जारी नहीं किए हैं। मंत्री धारीवाल कोटा दक्षिण से बीजेपी विधायक संदीप शर्मा के मूल प्रश्न का लिखित जवाब दे रहे थे। धारीवाल राजस्थान के नगरीय विकास और आवासन (यूडीएच) मंत्री हैं।
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'सफाई शुल्क की प्रदेश में कहीं भी वसूली नहीं हो रही'
धारीवाल प्रश्नकाल के दौरान इस संबंध में विधायकों की ओर से पूछे गए पूरक प्रश्नों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 के तहत जनहित में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट वर्क के लिए बायलॉज बनाने का अधिकार प्रदेश सरकार और संबंधित क्षेत्र में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिकाओं को है। उन्होंने कहा कि नगरीय संस्थाओं की ओर से उनके क्षेत्र में सफाई शुल्क वसूल करने का प्रोविजन नगर पालिका एक्ट में जरूर है। लेकिन कहीं भी इसकी वसूली नहीं की जा रही है।
कचरा डालने के कारण जुर्माना जरूर वसूला जा रहा
मंत्री धारीवाल ने जवाब देते हुए बताया कि संबंधित नगर पालिका के अधिशासी अधिकारी (Executive Officer) या नगर निगम कमिश्नर को अपने क्षेत्र में सफाई शुल्क लगाने का अधिकार है। लेकिन राज्य में कहीं भी इसकी वसूली नहीं की जा रही है। कचरा डालने के कारण जुर्माना या पेनल्टी जरूर लिए जा रहे हैं।