रेल कर्मियों के द्वारा बार-बार माइक से एलाउंसमेंट करने के बाद भी बच्चे रेल पटरी पार करने से नहीं माने। जिसके बाद रेल कर्मियों ने खुद बच्चों को पटरी पार करने से रोका। गनीमत रही कि इस दौरान कोई हादसा नहीं हुआ।
दौसा में रेल पुलिस प्रशासन और स्कूली बच्चों की लापरवाही का मामला सामने आया है। स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए कार्यक्रम में शिरकत करने गए बच्चे पटरी कूदकर कार्यक्रम में जाते देखे गए। गनीमत रही कि उस समय कोई ट्रेन नहीं आई, नहीं तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
विज्ञापन
दरअसल, दौसा के बसवा कस्बे में स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के कार्यक्रम राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ करते थे। लेकिन, इस साल प्रशासन द्वारा उपखंड स्तरीय कार्यक्रम अलवर-सिकंदरा मेगा हाईवे के पास खेल मैदान में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में सुबह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, महात्मा गांधी विद्यालय और निजी शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्राओं को बुलाया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद किसी ने भी उन बच्चों की ओर ध्यान नहीं दिया। सैकड़ों की संख्या में बच्चे रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए।
बच्चे जान जोखिम में डालकर रेल लाइन पार करके अपने घर को गए। दोनों तरफ से गाड़ियां आने के कारण रेल कर्मियों के हाथ पांव फूल गए। रेल कर्मियों के द्वारा बार-बार माइक से एलाउंसमेंट करने के बाद भी बच्चे रेल पटरी पार करने से नहीं माने। जिसके बाद रेल कर्मियों ने खुद बच्चों को पटरी पार करने से रोका। इस दौरान कई बच्चे रेल पटरी क्रॉस करते समय गिरकर घायल हो गए। राहत की बात ये है कि कोई भी बड़ा हादसा नहीं हुआ।