जिले के चौथ का बरवाड़ा तहसील क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय एचेर में आज अलसुबह विद्यालय का बड़ा बरामदा और अन्य हिस्सा भरभराकर गिर गया। घटना विद्यालय खुलने से कुछ घंटे पहले होने की वजह से बड़ा हादसा टल गया।
शिक्षा विभाग द्वारा इस भवन को पहले ही जर्जर घोषित किया गया था लेकिन उसे हटाया नहीं गया था। इस लापरवाही के कारण बड़ी घटना होने का खतरा बना हुआ था, जिसके चलते स्थानीय लोगों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने बताया कि राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय के 10 कमरे और बरामदा कई साल से क्षतिग्रस्त थे। इस साल झालावाड़ में हुई इसी तरह की घटना के बाद बच्चों को इन कमरों और बरामदे में बैठने से रोक दिया गया था, लेकिन फिर भी बच्चे खेल और अन्य गतिविधियों के लिए समय-समय पर इन क्षेत्रों में जाते थे।
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विद्यालय की प्रधानाचार्य कविता अवस्थी ने बताया कि उन्होंने क्षतिग्रस्त बिल्डिंग के बारे में शिक्षा विभाग को सूचित किया था। इसके बाद भवन को जर्जर घोषित कर दिया गया और इसे ध्वस्त करने के आदेश भी जारी किए गए थे। हालांकि आदेश के बावजूद कार्रवाई होने से पहले ही यह घटना घट गई। प्रधानाचार्य ने कहा कि विद्यालय समय में यदि यह हादसा होता तो कई बच्चे इसकी चपेट में आ सकते थे। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग के निर्देशों के बावजूद बच्चे कई बार उक्त भवन में चले जाते थे।