सवाई माधोपुर स्थित प्रदेश के सबसे बड़े रणथंभौर टाइगर रिजर्व से एक बार फिर बेहद दुःखद खबर सामने आई। यहां गुरुवार शाम पैंथर के हमले में एक आठ साल के बालक की दर्दनाक मौत हो गई। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने शव कब्जे में कर जिला अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। कल सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों के सुपुर्द किया जाएगा।
बताया जा रहा है रणथंभौर की परिधि से सटे पुराने शहर के रामद्वारा के नजदीक स्थित गोपालपुरा बंजारा बस्ती निवासी बालक विक्रम अपने पिता रामजीलाल बंजारा के साथ शाम को बालाजी के दर्शन करने रणथंभौर की परिधि में स्थित आंटीला बालाजी मंदिर गया था। दोनों पिता पुत्र बालाजी के दर्शन कर वापस अपने घर बंजारा बस्ती लौट रहे थे। बालक अपने पिता का हाथ थामकर चल रहा था। तभी बालाजी मंदिर से कुछ दूरी पर ही झाड़ियों की ओट से अचानक एक पैंथर ने बालक पर हमला कर दिया और बालक को उसके पिता के हाथों में से छुड़ाकर जंगल की तरफ भाग गया। पिता कुछ समझ पाता उससे पहले ही पैंथर बालक को दबोचकर जंगल की ओर भाग गया। पैंथर को बालक को ले जाते देख पिता जोर जोर से चिल्लाते हुए पत्थर उठाकर पैंथर के पीछे दौड़ पड़ा। पिता के चिल्लाने की आवाज सुनकर नजदीक ही बंजारा बस्ती के अन्य लोग भी घटनास्थल की तरफ दौड़े और पत्थर मारकर बालक को पैंथर के जबड़ों से छुड़ाया। तब तक बालक की मौत हो चुकी थी। सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में कर जिला अस्पताल पहुंचाया जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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लोगों ने की मुआवजे की मांग
रणथंभौर वन प्रशासन द्वारा पैंथर के हमले में मारे गए बालक का शव अस्पताल पहुंचने के बाद बंजारा बस्ती के लोगों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जिला अस्पताल में जमा हो गए। लोगों ने वन विभाग और प्रशासन से मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग की। हालात बिगड़ते देख जिला कलेक्टर कानाराम, पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार बेनीवाल, डीएफओ मानस सिंह सहित पुलिस और प्रशासन और रणथंभौर वन प्रशासन के आलाधिकारी अस्पताल पहुंचे और मृतक के परिजनों और लोगों से समझाइस की। इस दौरान मृतक के परिजनों ने 30 लाख मुआवजा व सरकारी नाौकरी की मांग अधिकारियों व मीडिया के समक्ष रखी। कलेक्टर एसपी ने परिजनों को सांत्वना देते हुए उचित मुआवजा दिलवाने और उनकी मांग को सरकार तक पहुंचने का परिजनों को आश्वासन दिया। फिलहाल परिजनों व प्रशासन में कुछ हद तक सहमति बन गई है। अब कल सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सुपुर्द किया जाएगा।