रणथंभौर टाइगर रिजर्व स्थित रणथंभौर दुर्ग में सोमवार को टाइगर हमले में खिलचीपुर निवासी राधेश्याम माली की मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीण रणथंभौर के मुख्य प्रवेश द्वार के सामने सवाई माधोपुर-कुंडेरा मुख्य सड़क पर धरने पर बैठ गए। सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हुआ यह धरना लगातार जारी है। ग्रामीण रातभर से डटे हुए हैं और अब भी अपनी आठ सूत्रीय मांगों को लेकर धरना दे रहे हैं।
ग्रामीणों की मांग है कि मृतक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, 10 बीघा जमीन और एक सरकारी नौकरी दी जाए। साथ ही रणथंभौर वाइल्ड लाइफ कमेटी को भंग करने, लापरवाह अधिकारियों को हटाने, टाइगर मॉनिटरिंग व्यवस्था को दुरुस्त करने, गणेश धाम पर यात्रियों के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराने और उनकी सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गई है।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी मांगों पर लिखित में आश्वासन नहीं देता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। उन्होंने कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ीलाल मीणा को भी मौके पर बुलाने की मांग की है।
गौरतलब है कि सोमवार सुबह रणथंभौर दुर्ग क्षेत्र में टाइगर ने हमला कर 60 वर्षीय राधेश्याम माली की जान ले ली थी, जो जैन मंदिर में कार्यरत थे। सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद शव बरामद कर जिला अस्पताल की मोर्चरी में भिजवाया गया। तब से मृतक का शव अस्पताल की मोर्चरी में रखा हुआ है।
घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण रणथंभौर के प्रवेश द्वार पर एकत्र हो गए और अपनी मांगों को लेकर सवाई माधोपुर-कुंडेरा मार्ग को जाम करते हुए धरने पर बैठ गए। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा। उल्लेखनीय है कि पिछले तीन महीनों में रणथंभौर में टाइगर हमले की यह तीसरी घटना है, जिसमें किसी व्यक्ति की जान गई है। इससे ग्रामीणों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश है।