रणथंभौर टाइगर रिजर्व के संवेदनशील कोर क्षेत्र स्थित अमरेश्वर महादेव मंदिर में निजी ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया है। सावन माह के दौरान मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में संरक्षित वन क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने की घटना ने सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
जानकारी के अनुसार 2 अगस्त को एक आईआरएस अधिकारी अपने साथियों के साथ अमरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने अपने निजी ड्रोन से रणथंभौर टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र का एरियल वीडियो रिकॉर्ड किया। बताया जा रहा है कि इसके लिए वन विभाग या संबंधित प्राधिकरण से कोई अनुमति नहीं ली गई थी। मौके पर मौजूद कई श्रद्धालुओं ने भी ड्रोन को उड़ते हुए देखा।
सूत्रों के अनुसार ड्रोन से रिकॉर्ड किया गया वीडियो 2 अगस्त को सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया। करीब 17 घंटे बाद वन विभाग के कर्मचारियों को इसकी जानकारी मिली। इसके बाद अधिकारियों ने संबंधित व्यक्ति से संपर्क किया और 3 अगस्त की सुबह सोशल मीडिया से वीडियो और फोटो हटवा दिए। मामला सामने आने के बाद वन विभाग ने संबंधित व्यक्ति पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया और ड्रोन से रिकॉर्ड किए गए फोटो एवं वीडियो हटाने की कार्रवाई की।
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हालांकि स्थानीय लोगों के बीच इस कार्रवाई को लेकर चर्चा है। उनका कहना है कि यदि यही कृत्य किसी आम व्यक्ति ने किया होता तो उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाती। वहीं इस मामले में केवल जुर्माना लगाकर और सोशल मीडिया से सामग्री हटवाकर कार्रवाई पूरी कर दी गई।
इस संबंध में रणथंभौर के उप वन संरक्षक मानस सिंह ने बताया कि अमरेश्वर महादेव वन क्षेत्र में बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने का मामला सामने आया था। सूचना मिलने के बाद सोशल मीडिया से फोटो और वीडियो हटवाए गए तथा संबंधित व्यक्ति पर 1100 रुपये का जुर्माना लगाया गया। विभाग ने लोगों से अपील की है कि संरक्षित वन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार की ड्रोन गतिविधि से पहले निर्धारित अनुमति अवश्य प्राप्त करें।