बोरदा गांव के नाले में अचानक पानी का स्तर बढ़ा
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जिले की मित्रपुरा तहसील क्षेत्र के बोरदा गांव में बुधवार को पानी ही पानी नजर आया। अचानक बोरदा स्थित नाले पर तेज पानी की आवक हो गई, जिससे जयपुर-सवाई माधोपुर मार्ग बाधित हो गया और लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि कोटड़ा बांध का निर्माण वर्ष 2010 में नरेगा योजना के तहत पंचायत द्वारा कराया गया था। यह पक्का बांध है, जिसकी भराव क्षमता 13 फीट और फैलाव करीब 40 बीघा भूमि में है। बीते 15 साल में इस बांध में इतना पानी कभी नहीं आया था लेकिन बुधवार को पानी की आवक इतनी तेज हो गई कि इसका बहाव बोरदा होते हुए मोरेल नदी तक पहुंच गया।
दरअसल टोंक जिले के निवाई उपखंड स्थित बाढ़ कुरावदा का बांध टूटने से निकला पानी सीधे कोटड़ा बांध में आ गया। इसके बाद पानी बोरदा से होते हुए बांसपरसा तक पहुंचा और मोरेल नदी में समा गया।
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जानकारी के अनुसार यदि पानी की आवक इसी तरह बनी रही तो कोटड़ा बांध भी टूट सकता है, जिससे बड़े नुकसान की आशंका है। इस स्थिति की जानकारी ग्रामीणों ने प्रशासन को दी। सूचना मिलते ही थानाधिकारी नरेश पोसवाल और मित्रपुरा तहसीलदार बसंत कुमार शर्मा मौके पर पहुंचे और लोगों को सड़क पार न करने की समझाइश दी। वहीं बांसपरसा रोड पूरी तरह बाधित रहा, जिससे पंचायत मुख्यालय से संपर्क टूट गया।
कोटड़ा बांध टूटने का खतरा
आरडी मांदड़ कोटड़ा ने बताया कि गांव के नाले पर बना एनिकट (देवजी का बांध) टूटने की कगार पर है। बांध की वेस्ट वियर के नीचे से 2-3 फीट पानी लगातार बह रहा है और कई जगहों से पानी का रिसाव हो रहा है। बांध के अंदर की ओर गहरा गड्ढा भी बन चुका है जो धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। इस नाले में निवाई के नायगांव, सीपुरा और कुरावदा बांध का पानी आता है। ऐसे में अगली तेज बारिश हालात को और खतरनाक बना सकती है।