राजस्थान विधानसभा चुनाव को लेकर प्रदेश में सियासी सरगर्मी तेज है, नेताओं का प्रचार और जोर पकड़ रहा है। यहां 7 दिसंबर को वोट डाले जाएंगे। अमर उजाला डॉट कॉम आपको बता रहा है राज्य के जमीनी हालात और उन विषयों के बारे में जो इस बार चुनावी मुद्दे हैं।
इसी के मद्देनजर अमर उजाला का चुनाव रथ पहुंचा कोटा। संवाददाता अभिलाषा ने लोगों से बात कर यहां हालात का जायजा लिया। उन्होंने जानने की कोशिश की कि आखिर यहां की जनता क्या चाहती है? उनके चुने हुए नेता उनकी उम्मीदों पर कितने खरे उतरे हैं? टी वैली प्रायोजित अमर उजाला के खास लाइव कार्यक्रम
सत्ता के सेमीफाइनल में जानिए कि कोटा की नब्ज क्या कहती है?
इस चर्चा में हमारे साथ जुड़े शहर कांग्रेस के महामंत्री रामेश्वर सुकालवा, यूथ कांग्रेस प्रवक्ता अनिल अरोड़ा, बागी भाजपा नेता और निर्दलीय उम्मीदवार प्राची दीक्षित और स्वर्ण रजत सर्राफा बाजार के अध्यक्ष रमेश सोनी।
जनता ने खस्ताहाल सड़कों का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। एक व्यक्ति ने कहा, "सड़कें पूरी तरह खुदी पड़ी हैं। पानी और राशन की भी समस्या है।"
सर्राफा बाजार के अध्यक्ष ने बताया, "भाजपा सरकार में सर्राफा कारोबारियों के लिए कोई काम नहीं हुआ। बाजारों में पार्किंग की दिक्कत वही पुरानी है। गंदगी की वजह से ग्राहक मार्केट में नहीं आ पाते।"
एयरपोर्ट की मांग
एजुकेशन हब होने की वजह से कोटा में एयरपोर्ट की मांग लंबे समय से उठती रही है। कांग्रेस प्रतिनिधि ने कहा कि एयरपोर्ट का वादा करके लोगों को बेवकूफ बनाया गया। सरकार के मंत्री तक विधायकों की बात नहीं पहुंचती और मुख्यमंत्री की बात प्रधानमंत्री तक।
गहलोत और पायलट की आपसी खींचतान को लेकर आ रही खबरों को लेकर कांग्रेस नेता ने कहा कि पार्टी का आंतरिक लोकतंत्र मजबूत है। विधायक दल ही तय करेगा कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा।
राजस्थान में 7 दिसंबर को मतदान होना है।