सलूंबर के लसाड़िया क्षेत्र के ग्राम पंचायत खजुरी के राजस्व ग्राम कुंडा में दो बच्चियों की उल्टी और दौरे (सीजर) के बाद हुई मौत के मामले में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिला कलेक्टर मोहम्मद जुनेद पी.पी. के निर्देशन में तत्काल 7 मेडिकल टीमों का गठन कर क्षेत्र में सघन सर्वे शुरू कर दिया गया है। मेडिकल टीमें घर-घर जाकर स्वास्थ्य जांच कर रही हैं। वहीं, पशुपालन विभाग द्वारा भी पशुओं का सर्वे कर सैंपल लिए जा रहे हैं, ताकि किसी भी संभावित कारण का पता लगाया जा सके।
जिला कलेक्टर के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने प्रभावित परिवारों से जानकारी ली और गांव में बच्चों व परिजनों के रक्त सहित अन्य सैंपल एकत्र किए हैं। पूरे गांव में घर-घर सर्वे जारी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और चिकित्सा टीमों को पूरे क्षेत्र का व्यापक सर्वे कर जल्द रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
प्रशासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की 7 टीमें (जिनमें डॉक्टर, सीएचओ, एएनएम और आशा कार्यकर्ता शामिल हैं) लगातार घर-घर जाकर बच्चों की जांच कर रही हैं और रक्त सहित अन्य सैंपल ले रही हैं। प्रभावित परिवारों से विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र परमार ने बताया कि बीसीएमओ डॉ. सिंटू कुमावत के नेतृत्व में एक विशेष मेडिकल टीम गांव में तैनात है, जो लगातार निगरानी और जांच कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें प्रभावित गांवों में डोर-टू-डोर सर्वे, सैंपलिंग, स्वास्थ्य जांच और जागरूकता गतिविधियां चला रही हैं। संदिग्ध मामलों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है और किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं की जा रही है।
मच्छर जनित रोगों की आशंका को देखते हुए फॉगिंग और एंटी-लार्वल गतिविधियां तेज कर दी गई हैं। मच्छरों और अन्य वाहक जीवों को नियंत्रित करने के लिए नियमित रूप से स्प्रे किया जा रहा है। साथ ही पशुपालन विभाग की टीमों द्वारा पशुओं में संभावित संक्रमण को ध्यान में रखते हुए दवा छिड़काव किया जा रहा है, ताकि वातावरण को स्वच्छ और रोगमुक्त रखा जा सके।
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गर्मी और लू (हीट वेव) की आशंका को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। सीएमएचओ डॉ. महेन्द्र परमार के अनुसार लू के लक्षणों में सिरदर्द, तेज बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, बेहोशी, कमजोरी, शरीर में ऐंठन और नब्ज का असामान्य होना शामिल है। बचाव के लिए घर से निकलने से पहले पर्याप्त पानी पीने, हल्के और ढीले सूती कपड़े पहनने, धूप में निकलते समय सिर ढकने तथा छाछ, ओआरएस, लस्सी, नींबू पानी और कच्चे आम के पेय का सेवन करने की सलाह दी गई है। यदि किसी को लू लग जाए तो उसे छायादार स्थान पर लिटाकर ठंडे पेय पदार्थ दें और शरीर का तापमान कम करने के लिए ठंडे पानी की पट्टियां रखें। गंभीर स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र ले जाने की सलाह दी गई है।
एक बच्ची का पोस्टमार्टम कराया जा चुका है। रिपोर्ट आने के बाद ही मृत्यु के वास्तविक कारणों का स्पष्ट पता चल सकेगा। प्रशासन और चिकित्सा विभाग की टीमें लगातार मॉनिटरिंग और जांच में जुटी हुई हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे से समय रहते निपटा जा सके। मौके पर राजस्व टीम भी मौजूद है, जिसमें एसडीएम लसाड़िया, तहसीलदार रामजी लाल गुर्जर, विकास अधिकारी मांगू सिंह मीणा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित हैं।