प्री-मानसून की बारिश ने जिले के किसानों के चेहरों पर नई उम्मीद और उत्साह की मुस्कान लौटा दी है। पर्याप्त नमी मिलने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में खरीफ फसलों की बुवाई का कार्य तेज गति से शुरू हो गया है। खेतों में सुबह से शाम तक किसान परिवार बैलों और कृषि यंत्रों की सहायता से बुवाई में जुटे नजर आ रहे हैं। जिले के कई गांवों में मक्का, सोयाबीन, उड़द, मूंग एवं अन्य खरीफ फसलों की बुवाई का सिलसिला प्रारंभ हो चुका है, जिससे गांवों में कृषि गतिविधियां एक बार फिर चरम पर पहुंच गई हैं।
इसी क्रम में सलूंबर जिला कलेक्टर मुहम्मद जुनैद पी.पी. भी किसानों के बीच पहुंचे। उन्होंने खेत में उतरकर किसानों के साथ कृषि कार्य का अवलोकन किया तथा बैलों के साथ हल चलाकर किसानों का उत्साहवर्धन किया। कलेक्टर ने किसानों से खेती-बाड़ी की तैयारियों, बारिश की स्थिति, बीजों की उपलब्धता तथा खरीफ फसलों की बुवाई को लेकर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने किसानों को समय पर बुवाई करने, उन्नत कृषि तकनीकों को अपनाने, गुणवत्तापूर्ण बीजों का उपयोग करने तथा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की सलाह दी।
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कलेक्टर ने कहा कि समय पर होने वाली बुवाई बेहतर उत्पादन का आधार होती है। यदि आगामी दिनों में मानसून सामान्य रहता है तो जिले में खरीफ फसलों का उत्पादन बेहतर होने की संभावना है। उन्होंने अधिकारियों को भी किसानों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने तथा आवश्यक कृषि सुविधाएं समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
प्री-मानसून बारिश के बाद खेतों में बढ़ी हलचल से ग्रामीण अंचलों में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। किसान पूरी मेहनत और उम्मीद के साथ आगामी फसल की तैयारी में जुटे हैं। खेतों में जिला कलेक्टर की मौजूदगी ने किसानों का मनोबल बढ़ाया और प्रशासन तथा किसानों के बीच बेहतर समन्वय का सकारात्मक संदेश भी दिया। किसानों ने भी प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए इसे कृषि और किसान हित में प्रेरणादायक कदम बताया।