मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने यूक्रेन से लौटे छात्र-छात्राओं से की बात।
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राजस्थान सरकार यूक्रेन में फंसे राजस्थान के विद्यार्थियों और अन्य लोगों की देश वापसी के लिए हर संभव मदद कर रही है। सरकार फंसे हुए विद्यार्थियों को राहत पहुंचाने के लिए विदेश मंत्रालय, भारतीय दूतावास के साथ-साथ प्रवासी राजस्थानियों का भी सहयोग ले रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि संकट की इस घड़ी में प्रत्येक भारतीय विद्यार्थी को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए और वे सुरक्षित अपने घर लौट सकें।
सीएम ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यूक्रेन से पौलेंड पहुंचे राजस्थान के विद्यार्थियों से संवाद भी किया। इन्हें सुरक्षित पौलेंड पहुंचाने के लिए सीएम ने प्रवासी राजस्थानी उद्यमी अमित लाठ और अशोक सेवक रामानी को आभार जताया। उन्होंने कहा कि मुझे खुशी है कि आप सब आगे बढ़ कर इस नेक काम में सहयोग कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से यूक्रेन के वर्तमान हालातों और बॉर्डर पर फंसे भारतीयों के पौलेंड तक पहुंचने में आ रही दिक्कतों के बारे में जानकारी ली। विद्यार्थियों ने बताया कि लाखों लोग यूक्रेन की सीमाओं पर फंसे हुए हैं। बॉर्डर पार करने के लिए उन्हें जान जोखिम में डाल कर लंबी दूरी पैदल तय करनी पड़ रही है। उन्होंने बताया कि अभी भी बड़ी संख्या में विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हुए हैं।
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि वे यूक्रेन में फंसे अपने साथियों से बात कर उन्हें हौंसला देते रहें और पौलेंड या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने के लिए जरूरी मार्गदर्शन भी दें। उन्होंने अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे पौलेंड स्थित भारतीय दूतावास और प्रवासी भारतीयों के संपर्क में रह कर विद्यार्थियों की वापसी के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। सरकार इसमें वित्तीय सहायता सहित अन्य किसी भी तरह की मदद करने से पीछे नहीं हटेगी।
राजस्थान फाउंडेशन के आयुक्त धीरज श्रीवास्तव ने बताया कि पौलेंड में प्रवासी राजस्थानियों के माध्यम से यूक्रेन में फंसे लोगों को राहत पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं। उनकी मदद के लिए सरकार ने हेल्पलाइन नंबर जारी करने के साथ ही अधिकारिक पोर्टल पर लिंक भी उपलब्ध कराया है।