आरटीआई के तहत मांगी गई सूचना के जवाब में लिफाफों में कंडोम भेजे जाने का एक मामला सामने आया है। सूचना का अधिकार के तहत जवाबी लिफाफे में कंडोम मिलने की कथित वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो गया, जिसके बाद अधिकारियों ने जांच का आदेश दिया है।
मामला राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के एक ग्राम पंचायत छानीबड़ी से जुड़ा है। यहां के आरटीआई कायकर्ता विकास चौधरी और मनोहर लाल ने पंचायत से विकास कार्यो की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में उन्हें जो पत्र मिले उनमें कंडोम रखा हुआ था। एसडीएम भद्रा ने कहा कि वह मामले की जांच करा रहे हैं। इसमें कोई सरकारी कर्मी दोषी हुआ, तो उसपर कड़ी कार्रवाई होगी।
आरटीआई आवेदकों के अनुसार पहले प्रयास में पंचायत ने उन्हें जानकारी देने से मना कर दिया था। इसके बाद दोनों कार्यकर्ताओं ने प्रथम अपील की और फिर दूसरी अपील के तहत राज्य सूचना आयोग गए। मिली जानकारी के अनुसार, आयोग ने ग्राम पंचायत को मांगी गई सारी जानकारियां उपलब्ध कराने को कहा था। आवेदकों के अनुसार इस दौरान पंचायत के ग्राम विकास अधिकारी और उनमें बातचीत भी हुई और उन्हें बताया गया कि सूचना डाक के जरिए भेजी जा चुकी है।
आवेदकों का कहना है कि उन्हें जो लिफाफे मिले उनमें कंडोम रखे हुए थे। आवेदक मनोहरलाल ने इस पत्र को खोलने की वीडियोग्राफी भी करवा ली। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
सरपंच ने बताई साजिश, पुलिस से जांच का अनुरोध
सरपंच पुष्पा बंसल ने इसे साजिश बताते हुए जांच के लिए पुलिस को पत्र लिखा है। जिला परिषद हनुमानगढ़ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नवनीत कुमार ने बताया कि भादरा के उपखंड अधिकारी राजकुमार कस्वां को जांच करने के निर्देश दिए गए हैं।
राजकुमार कस्वां ने कहा कि जांच में आवेदकों ने पत्र में आपत्तिजनक सामग्री मिलने की बात दोहराई है, वहीं ग्राम सेवक ने लिखित में दिया है कि उनकी ओर से आपत्तिजनक वस्तु वाला ऐसा कोई पत्र पंचायत की ओर से नहीं भेजा गया। कस्वां के अनुसार हनुमानगढ़ के जिला कलेक्टर ने भी इस मामले में रिपोर्ट तलब की है।