राजसमंद क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव का इस्तीफा
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राजसमंद क्रिकेट एसोसिएशन के सचिव और आरसीए के पूर्व सचिव गिरिराज सनाढ्य ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन के संरक्षक डॉ सीपी जोशी को पत्र लिखकर इस्तीफा सौंपा। गिरिराज सनाढ्य ने सीपी जोशी के पीए भवानी सामोता समेत आरसीए के पदाधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
गिरिराज सनाढ्य ने सीपी जोशी को पत्र लिखकर क्रिकेट की राजनीति में जीरो करने का आरोप लगाया है। गिरिराज सनाढय ने स्थानीय हेडली क्लब के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। जिसे मंजूर भी कर लिया गया। सनाढय ने कहा कि इस्तीफा मंजूर होने के बाद वो संवैधानिक तौर पर जिला क्रिकेट के सचिव के पद पर रहने के काबिल नहीं है। गिरिराज सनाढ्य ने पत्र में लिखा कि ललित मोदी और संजय दीक्षित के अध्यक्ष कार्यकाल में सारे पावर उनके सचिव के पास थे लेकिन आज उनके पावर डॉ. सीपी जोशी के पीए भवानी सामोता के पास हैं। सारा आरसीए जानता है कि वह जीरो हो गए हैं।
उन्होंने कहा कि राजसमंद में खेल स्टेडियम के आरसीए के साथ हुए एमओयू के अनुसार स्टेडियम के रखरखाव के लिए हर महीने 50 हजार रुपये देना तय हुआ था लेकिन 2013 के बाद से ही उन्हें पैसा नहीं दिया जा रहा। जबकि करोड़ों रुपए खर्च कर आरसीए अध्यक्ष वैभव गहलोत अपने चहेते लोगों को दुबई में मैच दिखाने लेकर गए।
सनाढ्य ने सीपी जोशी के पीए पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भवानी सामोता और सीपी जोशी के विशेष अधिकारी मनीष जोशी डॉक्टर सीपी जोशी के साथ एक साथ अपने करियर की शुरुआत की थी लेकिन आज लोग बताते हैं कि भवानी सामोता के पास 1000 करोड़ की प्रॉपर्टी है जबकि मनीष जोशी के पास भी काफी संपत्ति है। जबकि आज उनका बैंक बैलेंस जीरो हो चुका है।
इसके साथ ही उन्होंने राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि बिना कॉल्विन और चौलेंजर ट्रॉफी खेले बिना ही खिलाड़ियों का राजस्थान टीम में चयन किया जा रहा है। जबकि राजसमंद के खिलाड़ियों को कोई तवज्जो नहीं दी जा रही। सनाढ्य ने अपने पत्र में लिखा कि इस्तीफा देने के बाद वह वैभव गहलोत और डॉक्टर सीपी जोशी की गुलामी से आजाद हो चुके हैं।