राजस्थान में रिफाइनरी लगने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। सीएमओ में राज्य सरकार और केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक में इस पर सहमति बन गई है। अब इसकी रिपोर्ट पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली को दी जाएगी।
एक हिंदी दैनिक के अनुसार एचपीसीएल की फिजिबिलिटी रिर्पोट में राजस्थान को पेट्रोलियम की गुणवत्ता, गुजरात स्थित मुंद्रा से दिल्ली की कनेक्टिविटी के हिसाब से बेहतर बताया गया है। राज्य की ओर से दिए गए पैकेज और भूमि अवाप्ति की भी प्रशंसा की गई है। रिफाइनरी प्रोजेक्ट को अंतिम रूप देने के लिए 27 दिसम्बर को दिल्ली में बैठक होने की संभावना है। इसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत भी भाग ले सकते हैं।
एचपीसीएल की रिफाइनरी के लिए बाड़मेर में बायतू के पास लम्बे समय से तैयारियां चल रही हैं। राज्य सरकार ने इसके लिए 8000 बीघा जमीन अवाप्त करने की अधिसूचना पहले ही जारी कर दी है। अभी किसानों से आपत्ति व सुझाव मांगे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के साथ सीएमओ में बुधवार को हुई बैठक में पॉलिमर प्लास्टिक यूनिट लगाने पर भी चर्चा हुई। इससे प्रदेश में 38 हजार करोड़ रूपयों का निवेश होगा।