बांसवाड़ा में छात्र ने किया सुसाइड
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राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में रहने वाली 17 साल की छात्रा गीता ने सुसाइड कर ली। वह अपनी सहेली की मौत के बाद तनाव में थी। उसने खाना-पीना भी छोड़ रखा था। नींद में भी वह अपनी सहेली कृष्णा का ही नाम लेती थी। बार-बार कहती थी कि कृष्णा तुमने ऐसा क्यों किया। सुसाइड से पहले गीता ने परिजनों से कहा था कि कृष्णा उसे छत से कूदते हुए दिखाई देती है।
दरअसल, 7 दिसंबर को मप्र के रतलाम जिले के कन्या शिक्षा स्कूल के हॉस्टल में रहने वाली कृष्णा डामर (14) ने चौथी मंजिल से कूदकर जान दे दी थी। वह 9th क्लास की स्टूडेंट थी। हॉस्टल प्रशासन ने कहा था कि उसे पेपर में नकल करते हुए पकड़ा गया था, इसलिए उसने सुसाइट कर ली। हांलाकि, मृतका के पिता का कहना था कि इतनी ऊंचाई से गिरने के बाद भी बेटी को कोई गंभीर चोट नहीं थी और ना ही उसके शरीर पर चोट के निशान थे। हॉस्टर प्रशासन सच्चाई छिपा रहा है।
छात्रा कृष्णा और गीता दोनों ही हॉस्टल में रहती थीं, दोनों अच्छी दोस्त थीं। सात दिसंबर को कृष्णा गीता को कमरे में नहीं मिली। उसने अन्य छात्राओं से कृष्णा के बारे में पूछा, उन्होंने उसे बताया कि वह कृष्णा छत पर गई है। इसके बाद वह भी छत पर चली गई। गीता कृष्णा के पास पहुंचती, इससे पहले उसने छलांग लगा दी। कृष्णा की मौत के बाद गीता के पिता रतलाम पहुंचे और बेटी को घर बांसवाड़ा ले लाए।
गीता के परिजनों ने बताया कि गीता 11वीं कक्षा में पढ़ती थी। घटना के अगले दिन ही हम उसे घर ले लाए थे, लेकिन यहां आने के बाद भी वह सदमे थी। उसने खाना-पीना छोड़ रखा था। कृष्णा को याद करके रोती रहती थी। नींद में भी उसका नाम लेती थी, कहती थी कृष्णा तुमने ऐसा क्यों किया।
उसने अपने परिजनों को बताया था कि कृष्णा मुझे बार-बार कूदते हुए दिखाई दे रही है। मैं उसे अपने दिमाग से नहीं निकाल पा रही हूं। सहेली की मौत से परेशान होकर गीता ने 10 दिसंबर को घर में रखा कीटनाशक पी लिया। परिजन उसे बांसवाड़ा के सरकारी अस्पताल लेकर पहुंचे। जहां रविवार सुबह इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।