नाबालिग से दुष्कर्म मामले में फंसे आसाराम को अदालत में पीडि़ता को बालिग सिद्ध करने में अब काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर ग्रामीण ने सोमवार को पीडि़ता की दसवीं की अंकतालिका व प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेज रिकॉर्ड पर ले लिए।
इन दस्तावेजों को रिकॉर्ड पर लेने से घटना के समय पीडि़ता को नाबालिग होने की अभियोजन पक्ष की दलील को मजबूती मिलेगी। आसाराम के वकील ने जिला एवं सत्र न्यायालय, जोधपुर ग्रामीण की ओर से पीडि़ता की दसवीं की अंकतालिका सहित अन्य दस्तावेज को स्वीकार करने का विरोध किया था और इस निर्णय के खिलाफ जोधपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। लेकिन जोधपुर हाईकोर्ट ने पिछले सप्ताह आसाराम की याचिका खारिज कर दी थी।