राज्यसभा चुनाव से पहले राजस्थान में मची सियासी उथल-पुथल कुछ थमती नजर आ रही है। नाराज चल रहे छह विधायकों को सीएम अशोक गहलोत ने मना लिया है। गहलोत खुद उन्हें लेकर उदयपुर पहुंच गए है। यहां उन्हें ताज अरावली में रह रहे अन्य विधायकों के साथ बाड़ेबंदी में रखा जाएगा। इससे राज्यसभा की तीसरी सीट के लिए कांग्रेस ने अपनी दावेदारी मजबूत कर ली है। हालांकि क्या होगा यह तो दस जून को ही साफ हो पाएगा।
भाजपा उम्मीद क्यों कर रही थी?
उदयपुर पहुंचे अशोक गहलोत ने बसपा विधायकों की तारीफ की और भाजपा पर निशाना साधा। गहलोत ने कहा, विधायक हमारे साथ थे, हमारे साथ है और आगे भी रहेंगे। उनकी कुछ समस्याएं थी, उन्हें दूर किया जाएगा। उन्होंने कहा, जब क्राइसिस आया था, उस वक्त सरकार बचाने वालों में जो अगुवा थे, उनसे भाजपा को उम्मीद ही नहीं करनी चाहिए थी और न भाजपा समर्थित उम्मीदवार को। सरकार क्राइसिस में हो, सरकार रहेगी या नहीं। उस वक्त में जिस-जिसने साथ दिया भाजपा उनसे उम्मीद ही क्यों कर रही थी?
सीएम के साथ यह विधायक पहुंचे उदयपुर
गहलोत के साथ विशेष विमान से छह विधायक उदयपुर पहुंचे हैं। जिनमें सैनिक कल्याण राज्यमंत्री राजेंद्र गुढ़ा, विधायक राम खिलाड़ी बेरवा, गिर्राज सिंह मलिंगा, वाजिद अली, संदीप यादव और लाखन सिंह मीणा शामिल हैं। दो दिन पहले गहलोत पर हमला करने वाले मंत्री राजेंद्र गुढ़ा ने उदयपुर जाने से पहले मीडिया से कहा, सीएम के सामने हमने अपनी सारी बातें रख दी हैं। कई ऐसी बातें भी थीं जिनकी उन्हें जानकारी नहीं थी। अब वह सब सही कर देंगे, नाराजगी जैसी कोई बात नहीं है।
भाजपा के खिलाफ हॉर्स टेडिंग की शिकायत
राज्यसभा चुनावों में हॉर्स ट्रेडिंग का मुद्दा भी गरमाया हुआ है। सीएम गहलोत ने भाजपा पर हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगाए हैं। रविवार को जलदाय मंत्री महेश जोशी ने भी भाजपा पर विधायकों की खरीद-फरोख्त करने का आरोप लगाया। उन्होंने एसीबी से इसकी लिखित शिकायत भी की। अपने शिकायती आवेदन में जोशी ने कहा, राज्यसभा चुनाव में धनबल का उपयोग होने की आशंका सोशल मीडिया पर जताई जा रही है। विधानसभा में सत्ता पक्ष का सचेतक होने के नाते एसीबी को सूचना देना मेरी जिम्मेदारी है। विधायकों की खरीद-फरोख्त करना एक अपराध है, इसकी जांच की जानी चाहिए।