गन्ने के खेत में मिले लेपर्ड के दो मासूम
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जिले के भावा गांव में उस समय किसान परिवार दहशत में आ गया, जब खेत में उन्हें लेपर्ड के दो शावक दिखाई दिए। हालांकि छोटे और शांत शावकों को देखकर परिवार के लोगों की घबराहट धीरे-धीरे उत्सुकता में बदल गई। घटना के बाद पूरे गांव में यह चर्चा का विषय बनी रही।
जानकारी के अनुसार भावा गांव निवासी किसान नारायण गुर्जर अपने परिवार के साथ खेत में गन्ने की फसल से संबंधित काम कर रहे थे। इसी दौरान फसल के बीच से किसी जानवर के बच्चों जैसी आवाज सुनाई दी। जब परिवार के लोग आवाज की दिशा में पहुंचे तो वहां उन्हें लेपर्ड के दो छोटे शावक दिखाई दिए।
अचानक शावकों को सामने देखकर परिवार पहले घबरा गया लेकिन शावकों के शांत होने पर उन्होंने सावधानी बरती। किसान नारायण गुर्जर ने कुछ देर तक दोनों शावकों को संभालकर रखा और बाद में उन्हें सुरक्षित वापस नीचे छोड़ दिया। इस दौरान परिवार के अन्य सदस्य भी मौके पर मौजूद रहे।
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ग्रामीणों के अनुसार क्षेत्र में पहले भी लेपर्ड की गतिविधियां देखी जा चुकी हैं। घटना के बाद गांव में वन्यजीवों की मौजूदगी को लेकर चर्चा तेज हो गई। ग्रामीणों ने लोगों से सतर्क रहने और वन्यजीवों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने की अपील की।
उधर डीएफओ रामानंद भाकर ने बताया कि सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और दोनों शावकों को सुरक्षित रूप से बिनोल नर्सरी ले जाया गया। रात होने के बाद टीम ने शावकों को उसी स्थान पर वापस छोड़ दिया, ताकि मादा लेपर्ड अपने बच्चों तक पहुंच सके।
वन विभाग की टीम ने अगली सुबह मौके का निरीक्षण किया तो दोनों शावक वहां नहीं मिले। इससे माना जा रहा है कि मादा लेपर्ड रात में अपने बच्चों को सुरक्षित स्थान पर ले गई। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि कहीं भी वन्यजीव दिखाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके।