राजसमंद में तीन घंटे की मूसलाधार बारिश से बिगड़े हालात।
राजसमंद में मौसम विभाग के रेड अलर्ट के बाद सोमवार तड़के मूसलाधार बारिश हुई। तीन घंटे की बारिश के बाद हर तरफ पानी ही पानी हो गया। इससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित रहा। सुबह के समय स्कूली बच्चों को स्कूल जाते समय परेशानियों का सामना करना पड़ा। वहीं, शहर के कलालवाटी, राजनगर बस स्टैंड, माणक चौक, भंवरिया, कमलतलाई रोड, 100 फीट रोड पर पानी भर जाने से कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित रही। खासकर बाइक सवारों को पानी से निकलने के दौरान परेशानी हुई। कई वाहन पानी में बंद हो गए, जिन्हें धक्का देकर बाहर निकालना पड़ा।
वहीं, खमनोर क्षेत्र में मंचीद के ऊपर पहाड़ियों में बारिश के कारण गांव में पानी भर गया। सुथार मोहल्ले में सुबह करीब 6 बजे बारिश के पानी में घर के बाहर खड़ी दो कारें बह गईं। घर, दुकानों समेत राशन की दुकान और एक बैंक में भी पानी घुस गया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह कुछ देर के लिए 4 से 5 फीट तक पानी बह रहा था। इस दौरान लोग घरों में ही कैद होकर रह गए। बाद में पानी उतरने पर हालात सामान्य हुए।
ये भी पढ़ें:
स्मार्ट मीटर के विरोध में सड़क पर उतरी यूथ कांग्रेस, प्रदर्शन कर किया कलेक्ट्रेट का घेराव
उधर, कुंभलगढ़ क्षेत्र में रातभर की तेज बारिश के बाद सुबह तक बाघेरी नाका बांध का गेज 1 फीट हो गया, जो धीरे-धीरे बढ़कर सवा तीन फीट तक पहुंच गया। अचानक पानी की इतनी आवक होने के कारण बाघेरी नाका बांध का पानी अब बनास नदी में तेज रफ्तार से उफान पर बह रहा है, जिससे नंदसमंद बांध में भी पानी की आवक तेज हो गई है। नंदसमंद बांध के लबालब होने पर इसका अतिरिक्त पानी बनास नदी में छोड़ा जाता है, जो रेलमगरा क्षेत्र से होते हुए मातृकुंडिया, चित्तौड़गढ़ पहुंचता है। वहीं, नंदसमंद के अतिरिक्त पानी को खारी फीडर में भी छोड़ा जाता है, जो राजसमंद झील में मिलता है। जिले में आज बारिश के कारण कई कच्चे मार्ग अवरुद्ध हो गए, वहीं एनएच-8 गौमती-उदयपुर फोरलेन पर भगवानंदा मोड़ पर सड़क ने तालाब का रूप ले लिया, जिससे कुछ समय के लिए एक तरफ का यातायात बाधित रहा।
ये भी पढ़ें:
मवेशियों को बचाने में अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई कार, राजस्थान के चार लोगों की मौके पर ही मौत
जिले के अलग-अलग इलाकों में बारिश के आंकड़े (सुबह 8 बजे तक)
- देवगढ़ – 114 मिमी (सर्वाधिक)
- आमेट – 63 मिमी
- भीम – 24 मिमी
- देलवाड़ा – 11 मिमी
- गढ़बोर – 40 मिमी
- केलवाड़ा – 57 मिमी
- खमनोर – 54 मिमी
- कुंवारिया – 39 मिमी
- नाथद्वारा – 46 मिमी
- रेलमगरा – 23 मिमी
- राजसमंद – 32 मिमी
- सरदारगढ़ – 23 मिमी
- गिलूंड – 8 मिमी (न्यूनतम)